
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में मंगलवार को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने जानकारी दी कि कर्नाटक ने सॉफ्टवेयर और सर्विस एक्सपोर्ट के क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी है। राज्य ने लगभग 173 अरब डॉलर के सॉफ्टवेयर और सेवाओं के निर्यात के साथ भारत के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
इसके साथ ही, मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट के क्षेत्र में कर्नाटक ने लगभग 34 अरब डॉलर का निर्यात दर्ज करते हुए देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह आंकड़े राज्य की मजबूत औद्योगिक और तकनीकी क्षमता को दर्शाते हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स (DGCI&S) के डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कर्नाटक के कुल निर्यात में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि को राज्य की आर्थिक मजबूती और विविध उद्योगों के विकास का संकेत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025-26 में कर्नाटक से कुल निर्यात लगभग 19.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की तकनीकी, औद्योगिक और नवाचार आधारित क्षमता का परिणाम है।
अपने एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक ने भारत के प्रमुख सॉफ्टवेयर और सर्विस एक्सपोर्टर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। साथ ही, राज्य देश के शीर्ष मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट करने वाले राज्यों में भी शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, रिसर्च और इनोवेशन तक, कर्नाटक की ताकत उसकी गतिशील अर्थव्यवस्था, विश्व स्तरीय प्रतिभा और उद्यमशीलता की भावना में निहित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु जैसे शहरों में मौजूद मजबूत आईटी हब और स्टार्टअप इकोसिस्टम ने राज्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा बायोटेक और एयरोस्पेस सेक्टर में भी लगातार निवेश बढ़ रहा है।
राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में निर्यात को और बढ़ाना और नए क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है, ताकि कर्नाटक देश की आर्थिक वृद्धि में और अधिक योगदान दे सके।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट कर्नाटक की आर्थिक मजबूती और निरंतर बढ़ते वैश्विक व्यापार प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।





