
हुबली: राज्य में अपने संगठन को मज़बूत करने की कांग्रेस की कोशिशों ने तब तेज़ी पकड़ी जब पार्टी नेताओं, पर्यवेक्षकों और पदाधिकारियों ने KPCC दफ़्तर में संगठन की चल रही बैठकों की प्रगति का जायज़ा लेने के लिए मुलाक़ात की।
बेंगलुरु में KPCC दफ़्तर के 'भारत जोड़ो कन्वेंशन हॉल' में हुई इस बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज़मीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मज़बूत करने के बारे में अपने विचार रखे।
KPCC की टीम हर ब्लॉक और पंचायत में जाएगी और ज़िला अध्यक्षों के लिए नामों का प्रस्ताव देगी। KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा, "यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी हो जानी चाहिए।"
पार्टी नेताओं ने बैठक में कहा कि स्थानीय पदाधिकारियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया (फ़ीडबैक) संगठनात्मक कमियों की पहचान करने और राज्य नेतृत्व व कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बेहतर बनाने में अहम होगी। उन्होंने कहा कि इस बात पर ज़ोर दिया जा रहा है कि संगठन के विस्तार से पूरे कर्नाटक में पार्टी का नेटवर्क मज़बूत और ज़्यादा सक्रिय बने।
बैठक में AICC सचिव गोपीनाथ पलनियाप्पन, राज्यसभा सदस्य मंसूर अली खान, पूर्व सांसद वी.एस. उग्रप्पा और मुद्दहनुमेगौड़ा के अलावा पार्टी के अन्य नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
यह कवायद इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को अलग-अलग स्तरों पर फिर से संगठित और मज़बूत करने की प्रक्रिया में अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व को शामिल करके कर्नाटक में अपने संगठनात्मक ढांचे को मज़बूत करना चाहती है।





