
x
Karnataka. कर्नाटक। गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निटुवल्ली स्थित पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल में इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों और विद्यार्थियों को मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना था। आयोजन में छात्रों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणेश प्रतिमा बनाने की जानकारी दी गई और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (KSPCB), नेचर कंजर्वेशन सोसाइटी, कर्नाटक राज्य विज्ञान परिषद और जिला बाल भवन समिति द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया को समझा और इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पर्यावरण के लिए बेहतर होती हैं क्योंकि इनके विसर्जन से जल स्रोतों को नुकसान नहीं पहुंचता और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।
कार्यक्रम में रिटायर्ड पर्यावरण अधिकारी कोट्रेश ने मिट्टी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान गणेश का संबंध मिट्टी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि गणेश प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी का उपयोग प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी केवल एक पदार्थ नहीं है, बल्कि यह प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पारंपरिक संस्कृति को भी आगे बढ़ाती हैं। आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के कारण जल प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में मिट्टी के गणेश बनाने की पहल लोगों में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि त्योहारों को मनाने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। यदि लोग पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं तो त्योहारों की खुशी के साथ प्रकृति की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। दावणगेरे में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
Next Story





