कर्नाटक

Karnataka : राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज, चार सीटों पर सभी दलों की नजर

Kavita2
17 May 2026 12:55 PM IST
Karnataka : राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज, चार सीटों पर सभी दलों की नजर
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Karnataka कर्नाटक: राजनीति में कैबिनेट फेरबदल और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य से खाली हो रही चार राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग 18 मई को कर्नाटक की इन चार राज्यसभा सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है। इन सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे राज्य की राजनीति में नई रणनीतियों और गठबंधनों पर चर्चा तेज हो गई है।

ये सीटें ऐसे समय में खाली हो रही हैं जब कई प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, भाजपा नेता इरन्ना कडाडी और के. नारायण का कार्यकाल शामिल है। इन सभी नेताओं की उपस्थिति ने राज्यसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व मजबूत किया था, और अब इन सीटों के भविष्य को लेकर राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

कर्नाटक विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार कांग्रेस के पास 135 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह चार में से तीन सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है। यह संख्या उसे स्पष्ट बढ़त प्रदान करती है और पार्टी को राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत करने का अवसर देती है।

वहीं, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि चौथी सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकती है, बशर्ते क्रॉस वोटिंग या अन्य राजनीतिक समीकरणों का असर देखने को मिले। हालांकि इस पर अंतिम स्थिति चुनावी प्रक्रिया और विधायकों की वोटिंग पर निर्भर करेगी।

राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कांग्रेस अपनी मौजूदा बढ़त को बनाए रखने की कोशिश में है, जबकि BJP भी सीमित संख्याबल के बावजूद अपनी संभावनाओं को मजबूत करने में लगी है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ती हलचल ने कर्नाटक की राजनीति को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा और राजनीतिक गठजोड़ों को लेकर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, चार राज्यसभा सीटों का यह चुनाव न केवल संख्या बल का खेल है, बल्कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक दिशा और भविष्य की रणनीति को भी प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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