
Karnataka कर्नाटक: धारवाड़ जिले के कुंडागोल तालुक के शेरेवाड़ा गांव के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब युवक बस में सफर के दौरान खिड़की से सिर बाहर निकालकर बैठा था और पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टिपर ट्रक ने उसे टक्कर मार दी।
मृतक की पहचान शिरूर गांव निवासी पक्कीरिया चन्नैया मुथल्लीमठ (18) के रूप में हुई है। वह हुबली में आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था और लक्ष्मेश्वर जा रही बस में यात्रा कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह बस की पिछली सीट पर बैठा था और यात्रा के दौरान उसने लापरवाही से खिड़की से सिर बाहर निकाल लिया था।
इसी दौरान पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार टिपर ट्रक बस के पास से गुजर रहा था। इसी समय युवक का सिर ट्रक की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बस में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई।
घटना के तुरंत बाद बस चालक ने वाहन रोक दिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुंडागोल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसा लापरवाही के कारण हुआ है। युवक ने बस के अंदर बैठे होने के बावजूद खिड़की से सिर बाहर निकाला था, जो इस दर्दनाक दुर्घटना का कारण बना।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है और कई बार बसों के पास से तेज गति में ट्रक गुजरते हैं। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बस यात्रियों को हमेशा वाहन के भीतर ही सुरक्षित रूप से बैठना चाहिए और खिड़की से बाहर किसी भी अंग को निकालना बेहद खतरनाक हो सकता है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
कुल मिलाकर, यह हादसा एक छोटी सी लापरवाही के कारण हुई बड़ी त्रासदी बन गया, जिसने एक युवा छात्र की जिंदगी छीन ली और पूरे इलाके को शोक में डाल दिया।





