
Karnataka कर्नाटक: जिले के चन्नागिरी तालुक के कब्बाला स्थित श्री विद्यालक्ष्मी इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र भरत जी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि गांव के बैकग्राउंड से आने वाले छात्र भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। SSLC परीक्षा में उन्होंने 625 अंक प्राप्त कर राज्य के टॉपर्स में अपनी जगह बनाई है।
भरत की इस उपलब्धि की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और परीक्षा के दिनों में रोजाना लगभग पांच से छह घंटे पढ़ाई की। उनका कहना है कि उन्होंने कभी केवल अंकों के बारे में नहीं सोचा, बल्कि विषयों को समझने और नियमित अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया।
भरत ने अपने भविष्य की योजना के बारे में बताते हुए कहा कि वह आगे मेडिकल क्षेत्र में अध्ययन करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह दावणगेरे में प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PU) करेंगे और उसके बाद मेडिकल की पढ़ाई के लिए कॉलेज का चयन करेंगे।
भरत की इस सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता गिरीश राव, जो एक छोटे किसान और लेबर कॉन्ट्रैक्टर हैं, ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा अच्छे अंक लाएगा, लेकिन 625 अंक हासिल करना उनके लिए भी आश्चर्यजनक था। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि कुछ विषयों में कम अंक आ सकते हैं, लेकिन परिणाम ने पूरे परिवार को गर्व महसूस कराया।
परिवार के अनुसार, भरत की बड़ी बहन भी पढ़ाई में आगे बढ़ रही है और वह इंजीनियरिंग की डिग्री कर रही है। परिवार में शिक्षा को लेकर हमेशा सकारात्मक माहौल रहा है, जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर साफ दिखाई देता है।
स्कूल के शिक्षकों ने भी भरत की मेहनत और अनुशासन की सराहना की है। उनका कहना है कि भरत शुरू से ही एक होनहार और मेहनती छात्र रहे हैं, जो हर विषय को गंभीरता से लेते थे। नियमित पढ़ाई और स्पष्ट लक्ष्य के कारण उन्होंने यह सफलता हासिल की है।
भरत की सफलता से पूरे गांव और स्कूल में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग इसे ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा मान रहे हैं। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत से कोई भी छात्र बड़े लक्ष्य हासिल कर सकता है।
इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मेहनत और लगन के साथ कोई भी छात्र अपनी पृष्ठभूमि से आगे बढ़कर राज्य स्तर पर पहचान बना सकता है।





