
बेंगलुरु: कर्नाटक में अपार्टमेंट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार आने वाले विधानसभा सत्र में ‘कर्नाटक अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मैनेजमेंट) बिल, 2025’ पेश करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद आठ यूनिट वाले छोटे अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स भी इसके दायरे में आ जाएंगे।
इस नए कानून का उद्देश्य करीब 50 साल पुराने अपार्टमेंट कानून को बदलना और मौजूदा समय की जरूरतों के अनुसार व्यवस्था तैयार करना है। बिल में अपार्टमेंट मालिकों के अधिकार, एसोसिएशन गठन, बिल्डरों की जिम्मेदारियां, रखरखाव शुल्क और संपत्ति प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए जाने की तैयारी है।
पुराने कानून की जगह लेगा नया विधेयक
कर्नाटक में अपार्टमेंट से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने के लिए मौजूदा कानून काफी पुराना है। समय के साथ राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बड़ी संख्या में बन रहे आवासीय परिसरों के कारण नए नियमों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
सरकार का मानना है कि पुराने कानून में कई ऐसे पहलू शामिल नहीं हैं, जो वर्तमान समय के अपार्टमेंट जीवन से जुड़े विवादों को प्रभावी ढंग से सुलझा सकें। नए बिल के माध्यम से अपार्टमेंट मालिकों और निवासियों को अधिक स्पष्ट अधिकार देने का प्रयास किया जाएगा।
आठ यूनिट वाले अपार्टमेंट भी होंगे शामिल
प्रस्तावित कानून की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि इसका दायरा छोटे अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स तक भी बढ़ाया जाएगा। अभी कई छोटे आवासीय परिसरों में नियमों को लेकर स्पष्टता की कमी रहती है।
नए कानून के तहत आठ यूनिट वाले अपार्टमेंट भी निर्धारित कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे। इससे छोटे अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी प्रबंधन, रखरखाव और मालिकाना अधिकारों से जुड़े मामलों में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
अपार्टमेंट एसोसिएशन को मिलेगा स्पष्ट ढांचा
बिल में अपार्टमेंट एसोसिएशन के गठन और कामकाज को लेकर भी प्रावधान किए जाएंगे। वर्तमान में कई आवासीय परिसरों में एसोसिएशन की भूमिका और अधिकारों को लेकर विवाद सामने आते हैं।
नए कानून में एसोसिएशन की जिम्मेदारियों, निर्णय लेने की प्रक्रिया और निवासियों की भागीदारी को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाने की संभावना है। इससे अपार्टमेंट प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
मालिकाना हक को लेकर स्पष्ट होंगे नियम
अपार्टमेंट खरीदने वाले लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक मालिकाना हक होता है। कई बार फ्लैट मालिकों को जमीन के अधिकार, साझा सुविधाओं और कॉमन एरिया के इस्तेमाल को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तावित कानून में फ्लैट मालिकों के अधिकारों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें अपार्टमेंट की व्यक्तिगत संपत्ति और साझा क्षेत्रों से जुड़े अधिकारों को लेकर नियम तय किए जा सकते हैं।
बिल्डरों की जिम्मेदारियां होंगी तय
नए बिल में बिल्डरों की भूमिका और जिम्मेदारियों को भी शामिल किया गया है। निर्माण की गुणवत्ता, दस्तावेजों की पारदर्शिता और अपार्टमेंट मालिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर नियम बनाए जा सकते हैं।
कई बार बिल्डर और निवासियों के बीच अधूरे काम, सुविधाओं के हस्तांतरण और रखरखाव को लेकर विवाद सामने आते हैं। नए कानून के जरिए ऐसे मामलों को व्यवस्थित करने की कोशिश की जाएगी।
मेंटेनेंस चार्ज को लेकर भी बनेंगे नियम
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए मेंटेनेंस शुल्क एक बड़ा मुद्दा रहता है। कई परिसरों में शुल्क निर्धारण, भुगतान और सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर विवाद होते हैं।
प्रस्तावित कानून में मेंटेनेंस चार्ज से जुड़े नियमों को भी शामिल किया जाएगा। इससे शुल्क वसूली और खर्च के इस्तेमाल में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों के लिए जरूरी कदम
बेंगलुरु समेत कर्नाटक के कई शहरों में पिछले कुछ वर्षों में अपार्टमेंट संस्कृति तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोग बहुमंजिला आवासीय परिसरों में रह रहे हैं। ऐसे में अपार्टमेंट प्रबंधन और निवासियों के अधिकारों को लेकर एक आधुनिक कानूनी ढांचे की जरूरत महसूस की जा रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नया कानून लागू होने के बाद अपार्टमेंट से जुड़े विवादों में कमी आ सकती है और निवासियों को अपने अधिकारों के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
विधानसभा सत्र में होगी चर्चा
राज्य सरकार की योजना है कि इस विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाए। विधानसभा में चर्चा और मंजूरी के बाद ही यह कानून का रूप लेगा।
यदि यह बिल पारित हो जाता है तो कर्नाटक में अपार्टमेंट प्रबंधन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। छोटे-बड़े सभी अपार्टमेंट परिसरों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार होगा, जिससे मालिकों, निवासियों और बिल्डरों के बीच जिम्मेदारियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।





