कर्नाटक

कर्नाटक: कन्नड़ गाना गाइए, पौधा घर ले जाइए

Tulsi Rao
12 Oct 2026 12:32 PM IST
कर्नाटक: कन्नड़ गाना गाइए, पौधा घर ले जाइए
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मैसूरु: BMTC के एक मैकेनिक ने पर्यावरण संरक्षण और कन्नड़ भाषा को बढ़ावा देने का एक अनोखा तरीका निकाला है। वे उन लोगों को मुफ़्त में पौधे देते हैं जो कन्नड़ गाना गाते हैं या कविता सुनाते हैं।

बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के मैकेनिकल विभाग में टेक्निकल असिस्टेंट संतोष मडेनुरु ने दशहरा पुस्तक प्रदर्शनी में 'कविते हेली, गिडा पदेयिरी' (कविता सुनाओ, पौधा पाओ) नाम से एक स्टॉल लगाया है। जो लोग कन्नड़ गाना गाते हैं या कविता सुनाते हैं (चाहे वह खुद की लिखी हो या किसी और कवि की), वे औषधीय या फल वाला पौधा घर ले जा सकते हैं।

संतोष ने बताया कि इस पहल का मकसद पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना और लोगों को कन्नड़ साहित्य की सराहना और उसे बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने 25 साल पहले 'सस्य यज्ञ' नाम का एक गैर-लाभकारी संगठन शुरू किया था। तब से उन्होंने बेंगलुरु में 16 BMTC डिपो और बेंगलुरु शहरी व ग्रामीण, तुमकुरु, मांड्या और मैसूरु जिलों के 181 सरकारी स्कूलों में 19,400 पौधे लगाए हैं। उन्होंने 50,000 से ज़्यादा पौधे मुफ़्त में बांटे भी हैं।

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