कर्नाटक

Karnataka : घाटप्रभा लेफ्ट बैंक कैनाल में गाद जमाव और पानी की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी

Kavita2
1 May 2026 5:33 PM IST
Karnataka : घाटप्रभा लेफ्ट बैंक कैनाल में गाद जमाव और पानी की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में घाटप्रभा लेफ्ट बैंक कैनाल में गाद जमने, पानी के असमान वितरण और नियमित मेंटेनेंस की कमी के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कैनाल में पानी का सही प्रवाह बाधित होने से कई हिस्सों में नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे लाखों किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं।

किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कैनाल की अनदेखी, खराब जल प्रबंधन और बारिश की अनिश्चितता ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। पानी की कमी के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों के लिए जरूरी जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।

इस सिंचाई परियोजना का ऐतिहासिक महत्व भी रहा है। पूर्व मंत्री स्वर्गीय वी.एल. पाटिल (आभा) ने किसानों की जरूरतों को समझते हुए घाटप्रभा लेफ्ट बैंक कैनाल जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं की शुरुआत करवाई थी। उनके प्रयासों से हजारों एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया गया और किसानों को स्थायी जल सुविधा मिली थी। उन्हें आज भी एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार, यह कैनाल लगभग 6 से 7 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करती है, जबकि पूरी योजना के तहत इसकी क्षमता 9 लाख एकड़ से अधिक बताई जाती है। यह प्रणाली मुख्य रूप से बेलगाम, बागलकोट और विजयपुरा जिलों के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है।

बेलगाम जिले में रायबाग, गोकक, अथानी और अन्य तालुकों की बड़ी कृषि भूमि इस नहर प्रणाली पर निर्भर है। अनुमान है कि इस क्षेत्र में लगभग 4 से 7 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई का लाभ मिलता है। पहले जब नहरों में पर्याप्त पानी रहता था, तब फसल उत्पादन अच्छा होता था और किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत थी।

किसानों का कहना है कि वर्तमान स्थिति ने कृषि गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और कई जगहों पर फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का समाधान नियमित सफाई, गाद हटाने, उचित जल वितरण और सिंचाई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही संभव है। किसानों और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि वी.एल. पाटिल के सपनों की इस महत्वपूर्ण परियोजना को फिर से मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।

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