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कर्नाटक सूखे पर केंद्र से मदद की गुहार, परमेश्वर ने PM मोदी को लिखा पत्र

Kavita2
16 July 2026 4:43 PM IST
कर्नाटक सूखे पर केंद्र से मदद की गुहार, परमेश्वर ने PM मोदी को लिखा पत्र
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बेंगलुरु: कर्नाटक में बारिश की कमी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने केंद्र सरकार से सूखे की स्थिति को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के लिए विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

उप मुख्यमंत्री ने राज्य में कम बारिश, कृषि क्षेत्र पर पड़ रहे प्रभाव, पेयजल संकट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए केंद्र से तत्काल मदद की अपील की है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार को विशेष राहत पैकेज जारी करना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को सहायता मिल सके।

बारिश की कमी से बढ़ी परेशानी

डॉ. जी. परमेश्वर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कर्नाटक में इस साल मानसून की स्थिति चिंताजनक रही है। उन्होंने कहा कि जून महीने में राज्य में सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि जुलाई में अब तक बारिश में करीब 34 प्रतिशत की कमी रही है।

बारिश की कमी का सीधा असर खेती पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा भूजल स्तर में गिरावट और जलाशयों में पानी की कम आवक ने भी चिंता बढ़ा दी है।

पेयजल संकट गहराने की आशंका

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में जल स्रोतों पर दबाव बढ़ गया है और लोगों को पानी की उपलब्धता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि जलाशयों में पानी का स्तर प्रभावित होने से आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है। राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन व्यापक राहत के लिए केंद्र की सहायता जरूरी है।

कृषि और ग्रामीण आजीविका पर असर

कर्नाटक की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बारिश में कमी के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे उनकी आय पर असर पड़ा है।

परमेश्वर ने कहा कि सूखे जैसी स्थिति का प्रभाव केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण आजीविका, पशुपालन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र से इस संकट को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में रखी मांगें

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में सूखे की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने राज्य के लिए विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।

उनका कहना है कि केंद्र की मदद से राज्य सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा सकेगी। प्रभावित किसानों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है।

सरकार कर रही स्थिति की समीक्षा

राज्य सरकार की ओर से सूखे की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की ओर से जल उपलब्धता, कृषि नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्र की सहायता पर टिकी नजर

कर्नाटक सरकार की इस अपील के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर है। यदि केंद्र की ओर से विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाती है तो इससे राज्य में राहत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

बारिश की कमी और जल संकट से जूझ रहे कर्नाटक के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राज्य सरकार जहां अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, वहीं केंद्र से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

उप मुख्यमंत्री परमेश्वर ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

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