
Karnataka कर्नाटक: राज्य सरकार ने सुरक्षित वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के स्वैच्छिक पुनर्वास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाकर वन संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों को मजबूत करना है।
सरकारी योजना के अनुसार, जो परिवार स्वेच्छा से सुरक्षित वन क्षेत्रों से बाहर बसने के लिए सहमत हुए हैं, उन्हें लंबे समय से लंबित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को 100 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भेजा है, ताकि पुनर्वास प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
इस पहल का मकसद वन क्षेत्रों में मानव दबाव को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है। साथ ही, उन परिवारों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जो अब तक वन क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बीच रह रहे थे।
इसी बीच मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टेट लेवल कम्पेनसेटरी अफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी (CAMPA) स्टीयरिंग कमेटी ने भी एक बड़ा निर्णय लिया है। समिति ने हाल ही में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग के वार्षिक कार्य योजना को 416.12 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इस मंजूरी के तहत वन संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीव संरक्षण और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बजट से राज्य में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, CAMPA फंड का उपयोग विशेष रूप से उन परियोजनाओं के लिए किया जाता है, जिनका उद्देश्य वनों की कटाई के प्रभाव को कम करना और हरित आवरण को बढ़ाना होता है।
पुनर्वास योजना और CAMPA फंड की मंजूरी दोनों को मिलाकर देखा जाए तो यह राज्य सरकार की पर्यावरण और मानव विकास को संतुलित करने की नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो इससे न केवल वन क्षेत्रों में दबाव कम होगा, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को बेहतर जीवन स्तर भी मिल सकेगा।
फिलहाल प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है और मंजूरी मिलने के बाद पुनर्वास प्रक्रिया को तेज करने की उम्मीद है।





