
Karnataka कर्नाटक : निकटवर्ती चिंचोड़ी गांव में सड़क और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें खुद ही नालियों में तब्दील हो गई हैं। ग्रामीण इससे तंग आ चुके हैं। गांव में ही ग्राम पंचायत कार्यालय है। यहां एक हजार से अधिक घर हैं। लेकिन समुचित जलनिकासी न होने से गंदा पानी सड़क पर बहता है। इससे हर जगह दुर्गंध फैलती है। बरसात का मौसम शुरू होते ही अवैज्ञानिक तरीके से बनाए गए नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।
इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत सदस्य थिमन्ना पुलिस पाटिल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस संबंध में ग्राम पंचायत अध्यक्ष और पीडीओ से कई बार अनुरोध करने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ है। गांव में 15 लाख रुपये की लागत से स्वच्छ पेयजल संयंत्र लगाया गया है। हालांकि, यह एक साल से बंद पड़ा है। लोगों की शिकायत है कि पीडीओ इसकी मरम्मत करने में आनाकानी कर रहा है। गांव में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी हाईस्कूल है। इन दोनों को जोड़ने वाली सड़क पर सीवेज बहने से मरीजों और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। गांव के निवासी अमरेश नागनूर ने बताया कि पीडीओ नहीं आता है। गांव वालों की मांग है कि पंचायत अधिकारी कम से कम अब तो जागें और गंदे पानी और कचरे को कहीं और ले जाने की व्यवस्था करें।





