
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में डीज़ल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने किराए में वृद्धि का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार, राज्य के प्राइवेट बस ऑपरेटर 20 मई से यात्रियों से 10 से 20 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूलने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ रूटों पर यह नई दरें पहले ही लागू कर दी गई हैं, जबकि पूरे राज्य में इसे इस सप्ताह के अंत तक पूरी तरह लागू किए जाने की संभावना है।
कई प्रमुख रूटों पर किराए में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु से मंगलुरु का किराया, जो पहले लगभग 899 रुपये था, अब कुछ ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर बढ़कर 1,100 से 1,200 रुपये तक पहुंच गया है। यात्रियों का कहना है कि अचानक बढ़े किराए से उनकी यात्रा लागत में बड़ा इजाफा हुआ है।
इस बीच कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने स्थिति को लेकर बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किराया वृद्धि केवल उन ऑपरेटरों द्वारा की जा रही है जिनके पास ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) है, जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्टेज कैरिज परमिट धारक, जो राज्य परिवहन विभाग के अंतर्गत आते हैं, उन्हें किराया बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ऐसे ऑपरेटरों पर नजर रख रही है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
रामलिंगा रेड्डी ने यह भी दोहराया कि सरकारी बस सेवाओं का किराया फिलहाल नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है, लेकिन आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। उनके अनुसार, जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और सार्वजनिक परिवहन को सस्ता बनाए रखने का प्रयास जारी रहेगा।
वहीं, फेडरेशन ऑफ कर्नाटक स्टेट प्राइवेट बस एसोसिएशन ने इस किराया वृद्धि का बचाव किया है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा प्राइसिंग स्ट्रक्चर के तहत संचालन अब आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं रह गया है। उनका दावा है कि डीज़ल की बढ़ी हुई कीमतों, मेंटेनेंस खर्च और अन्य ऑपरेशनल लागतों के कारण किराए में संशोधन करना जरूरी हो गया था।
परिवहन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिलती है, तो निजी बस सेवाओं के किराए में और बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, राज्य सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच इस मुद्दे को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है और यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।





