कर्नाटक

कर्नाटक की राजनीति: CM ने करीबी दोस्तों के साथ 'डिनर पार्टी' की

Kavita2
24 April 2026 1:35 PM IST
कर्नाटक की राजनीति: CM ने करीबी दोस्तों के साथ डिनर पार्टी की
x

Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रात अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक अहम और अनौपचारिक बैठक की, जिसे “भोज” के बहाने आयोजित बताया जा रहा है। यह बैठक कनिंघम रोड स्थित एक वरिष्ठ मंत्री के आवासीय परिसर में हुई, जिसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कैबिनेट में संभावित फेरबदल, दावणगेरे साउथ और बागलकोट विधानसभा सीटों के उपचुनाव, तथा अंदरूनी आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें आने वाले समय में लिए जाने वाले बड़े फैसलों की रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इस गोपनीय बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें मंत्री जी. परमेश्वर, एच.सी. महादेवप्पा, सतीश जरकीहोली, बी.जेड. ज़मीर अहमद खान, दिनेश गुंडूराव, बायराती सुरेश, विधायक के.एन. राजन्ना सहित अन्य कई नेता मौजूद थे। इन नेताओं की उपस्थिति ने इस बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

जानकारी के मुताबिक, बैठक में न केवल प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हुई, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से विचार किया गया। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुछ मुद्दों पर चुप्पी को लेकर भी चर्चा हुई, और पार्टी के भीतर कुछ फैसलों के एकतरफा लिए जाने पर भी सवाल उठाए गए।

बैठक में यह भी सामने आया कि आने वाले उपचुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल में संभावित बदलावों को लेकर भी अलग-अलग सुझाव रखे गए। कुछ नेताओं ने संगठन को और मजबूत करने के लिए नए चेहरों को शामिल करने की बात भी कही।

सूत्रों का कहना है कि यह बैठक पूरी तरह अनौपचारिक थी, लेकिन इसमें जो मुद्दे उठाए गए, वे राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं। इसे कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक चर्चा और रणनीतिक पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि इस बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बंद कमरे की बैठकें आने वाले समय में बड़े राजनीतिक फैसलों का संकेत हो सकती हैं।

फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज है और सभी की नजरें आने वाले कैबिनेट बदलाव और उपचुनावों पर टिकी हुई हैं।

Next Story