
Karnataka कर्नाटक: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्यभर में स्वास्थ्य ढांचे की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, तालुक स्वास्थ्य अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे बारिश से प्रभावित और संभावित रूप से कमजोर अस्पताल भवनों का तत्काल निरीक्षण करें।
आदेश में कहा गया है कि हाल ही में या पिछले मौसम में जिन अस्पताल भवनों को बारिश के कारण नुकसान पहुंचा है, उनकी विस्तृत जांच की जाए और उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए। साथ ही उन भवनों की भी पहचान करने को कहा गया है, जिनसे भविष्य में किसी तरह का खतरा पैदा हो सकता है।
विभाग के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि वे जर्जर और खराब हालत वाली इमारतों की सूची तैयार करें और उनके पुनर्निर्माण या मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संस्थानों की संरचनात्मक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, उन भवनों की पहचान करने को भी कहा गया है जो लंबे समय से खाली पड़े हैं या उपयोग में नहीं हैं। ऐसे भवनों को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
आदेश में यह भी शामिल किया गया है कि सभी अस्पताल भवनों का इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली व्यवस्था से जुड़ी किसी भी खामी के कारण आग या अन्य दुर्घटनाएं न हों।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि पूरी निरीक्षण प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। सरकार ने कहा है कि 15 दिनों के भीतर सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जानी चाहिए।
इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें मरम्मत, पुनर्निर्माण या भवनों को ध्वस्त करने जैसे निर्णय शामिल होंगे।
अधिकारियों का मानना है कि यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही इससे मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह निर्देश स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और मानसून के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।





