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Bengaluru बेंगलुरु: आईटी दिग्गज इंफोसिस IT giant Infosys को कर्नाटक विधानसभा में दूसरी बार आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि उसने औद्योगिक उद्देश्य के लिए दी गई जमीन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया। विधान परिषद के अध्यक्ष समेत वरिष्ठ विधायकों ने मंगलवार को राज्य सरकार से मांग की कि वह हुबली में 10 साल बाद भी 40 एकड़ जमीन का इस्तेमाल न करने के लिए आईटी दिग्गज के खिलाफ कार्रवाई करे। वर्ष 2013 में सरकार ने इंफोसिस को अपने कैंपस के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की थी।
वरिष्ठ भाजपा एमएलसी एस वी संकनूर ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (जीआईएम) के बारे में बात करते हुए सदन को इंफोसिस को दी गई जमीन के बारे में बताया और इस बात पर प्रकाश डाला कि आईटी दिग्गज ने वादे के मुताबिक नौकरियां पैदा नहीं की हैं।एक अन्य एमएलसी प्रदीप शेट्टार ने भी इंफोसिस पर जमीन का इस्तेमाल बगीचे के लिए करने और उसके कर्मचारियों द्वारा इसका इस्तेमाल टहलने, जॉगिंग और पार्टी करने के लिए करने का आरोप लगाया!
जब उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने यह कहकर सदस्यों को समझाने की कोशिश की कि, "कंपनी के प्रतिनिधि मुझसे मिल चुके हैं," तो सदन के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने मंत्री से कहा कि सरकार को सिर्फ़ इसलिए चुप नहीं बैठना चाहिए क्योंकि वे बड़े लोग हैं। होरट्टी ने कहा, "यह एक गंभीर मुद्दा है, ज़मीन वापस लेने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।"होरट्टी को जवाब देते हुए मंत्री ने सदन को बैठक बुलाने और कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। पाटिल ने कहा, "मैं तुरंत बैठक बुलाऊंगा और कार्रवाई करूंगा..."यहां तक कि 2024 में विधानमंडल सत्र के दौरान भी, विधानसभा और परिषद दोनों में विभिन्न विधायकों द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया था।
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