
Karnataka कर्नाटक: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) क्षेत्र में चल रहे फुटपाथ अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर उठे विवाद के बीच कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सड़क किनारे कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के खिलाफ नहीं है, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा और फुटपाथों को लोगों के लिए खुला रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
गुरुवार को अलग-अलग स्ट्रीट वेंडर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान और उन्हें पहचान पत्र जारी करने के लिए जल्द एक अस्थायी टाउन वेंडिंग कमेटी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद नियमों के अनुसार एक स्थायी टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन भी किया जाएगा।
कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि सरकार स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका की चिंता करती है और उनका उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहीं है। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
उन्होंने कहा, “यह ऑपरेशन स्ट्रीट वेंडर्स के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य फुटपाथ को खाली कराना है ताकि लोग सुरक्षित तरीके से पैदल चल सकें।”
फुटपाथ अतिक्रमण से हादसों का हवाला
मंत्री ने फुटपाथ अतिक्रमण के कारण होने वाले हादसों का आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में फुटपाथों पर अतिक्रमण और पैदल यात्रियों की असुरक्षा से जुड़े हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।
उनके अनुसार, इस अवधि में 931 पैदल यात्रियों की मौत, करीब 3,800 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने और 3,500 से अधिक लोगों को मामूली चोटें आने की घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को देखते हुए फुटपाथों को सुरक्षित बनाना जरूरी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षित फुटपाथ पर चलना नागरिकों का अधिकार है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इसे सुनिश्चित करे।
स्ट्रीट वेंडर्स की चिंताओं पर चर्चा
फुटपाथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का कई स्ट्रीट वेंडर संगठनों ने विरोध किया था। उनका कहना है कि अचानक कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
बैठक में मंत्री ने वेंडर्स की समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि वैध स्ट्रीट वेंडर्स के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहचान पत्र और उचित व्यवस्था के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमों के तहत काम करने वाले विक्रेताओं को परेशानी न हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और पात्र वेंडर्स की पहचान कर उन्हें उचित प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाए।
आलोचनाओं पर मंत्री का जवाब
फुटपाथ अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आलोचनाओं से उन्हें फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनका उद्देश्य शहर के हित में काम करना है। उन्होंने कहा कि अगर बेंगलुरु के लोगों के लिए सुरक्षित और बेहतर व्यवस्था बनती है तो वह जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर
बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यातायात दबाव और पैदल चलने वालों की सुरक्षा लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। कई इलाकों में फुटपाथ पर दुकानों, ठेलों और अन्य अतिक्रमण के कारण लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
सरकार का कहना है कि फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराकर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराना जरूरी है।
वहीं, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पहचान और नियमन की व्यवस्था बनाने की दिशा में टाउन वेंडिंग कमेटी को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि कौन से विक्रेता नियमों के तहत काम कर सकते हैं और उनके लिए स्थान कैसे निर्धारित किए जाएं।
फिलहाल GBA क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। सरकार और स्ट्रीट वेंडर्स के बीच बातचीत के बाद अब आगे की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि नई व्यवस्था कितनी प्रभावी तरीके से लागू की जाती है।





