
Karnataka कर्नाटक: सरकार ने फसल सर्वे प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस पहल के तहत किसान अब अपनी उगाई गई फसलों की जानकारी सीधे मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज कर सकेंगे। यह व्यवस्था 2026-27 के फसल सर्वे कार्यक्रम के तहत पूरे राज्य में लागू की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, इस बार फसल सर्वे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। किसान स्वयं अपनी फसल की डिटेल्स रिपोर्ट करेंगे, जिसे बाद में राजस्व विभाग के अधिकारी GPS और सैटेलाइट इमेजरी की मदद से सत्यापित करेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य डेटा की सटीकता बढ़ाना और पारंपरिक सर्वे प्रणाली में होने वाली त्रुटियों को कम करना है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सर्वे डेटा का उपयोग फसल बीमा, आपदा राहत और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को समय पर सहायता पहुंचाने और नुकसान की सही आकलन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था में उन परिस्थितियों को भी शामिल किया गया है, जहां किसान सूखे या बारिश की कमी के कारण फसल नहीं बो पाते हैं, या प्राकृतिक आपदाओं से उनकी फसल को नुकसान होता है। इन मामलों को भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा ताकि भविष्य में राहत और मुआवजे की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।
30 जून को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, किसानों को “रैथा कल सेक्स” नामक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी फसल से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा दी गई है। यदि किसान किसी कारणवश ऐप पर जानकारी अपलोड नहीं कर पाते हैं, तो राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे।
सर्वे प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने के लिए जियो-रेफरेंस्ड मैप्स और GPS आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही सैटेलाइट इमेजरी की मदद से खेतों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिससे किसी भी तरह की गलत रिपोर्टिंग की संभावना कम हो सके।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल प्रणाली न केवल सर्वे प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि किसानों के लिए भी सुविधा बढ़ाएगी। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं और बीमा लाभों का लाभ समय पर मिल सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार की यह नई मोबाइल ऐप आधारित फसल सर्वे प्रणाली किसानों, प्रशासन और नीति निर्माण सभी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है, जिससे कृषि डेटा प्रबंधन अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगा।





