
नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्य को वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करने के लिए निवेशकों से संपर्क तेज कर दिया है। SEMICON India 2026 के दौरान राज्य के बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख वैश्विक और घरेलू सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में कर्नाटक में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई।
SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। इसमें 600 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं और करीब 300 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल हैं। आयोजन का फोकस सेमीकंडक्टर निर्माण से लेकर उपकरण, सामग्री, डिजाइन, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और कुशल मानव संसाधन तक पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर है।
शुक्रवार को सम्मेलन के दूसरे दिन कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल ने नीदरलैंड की प्रमुख सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता कंपनी ASML के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। बैठक के दौरान कर्नाटक की ओर से राज्य के सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े अवसरों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार ने ASML के सामने कर्नाटक के ‘सेमीकंडक्टर वैल्यू प्रपोजिशन’ को पेश करते हुए कंपनी को बेंगलुरु में अपनी मौजूदगी स्थापित करने पर विचार करने का आग्रह किया। हालांकि इस बातचीत के बाद ASML की ओर से बेंगलुरु में किसी नई इकाई या निवेश की औपचारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे निवेश आकर्षित करने के लिए हुई बातचीत और राज्य सरकार के प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है।
ASML वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल है और चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लिथोग्राफी मशीनों के लिए जानी जाती है। भारत में कंपनी पहले से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ गुजरात के धोलेरा में बनने वाली 300 मिलीमीटर सेमीकंडक्टर फैब परियोजना के लिए सहयोग कर रही है। SEMICON India 2026 में ASML के अधिकारियों ने भारतीय सप्लायर्स को भविष्य में अपनी वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया है।
ऐसे में कर्नाटक सरकार ASML जैसी कंपनी की मौजूदगी को राज्य के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण मान रही है। बेंगलुरु पहले से चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। राज्य सरकार अब डिजाइन और R&D की मौजूदा ताकत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, उपकरण, सामग्री और सप्लाई चेन तक विस्तारित करने की कोशिश कर रही है।
SEMICON India के दौरान एम.बी. पाटिल ने केवल ASML ही नहीं, बल्कि कई अन्य कंपनियों के साथ भी निवेश संबंधी चर्चा की है। सम्मेलन के पहले दिन कर्नाटक सरकार ने Samsung Electronics, Ericsson, Nexperia, CG Semi, Euler Motors, Axiro और Linde जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।
Samsung Electronics के साथ हुई बातचीत में कर्नाटक सरकार ने कंपनी को राज्य में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। Samsung की कर्नाटक में पहले से रिसर्च और डेवलपमेंट मौजूदगी है। सरकार की कोशिश इस मौजूदा संबंध को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की है।
कर्नाटक की रणनीति केवल बड़ी चिप कंपनियों को आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। सरकार उपकरण बनाने वाली कंपनियों, विशेष सामग्री और गैस आपूर्तिकर्ताओं, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों और अन्य सप्लाई चेन भागीदारों को भी राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
सेमीकंडक्टर उद्योग में केवल चिप फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित करना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए विशेष मशीनों, रसायनों, गैस, अत्यधिक शुद्ध सामग्री, परीक्षण उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों का बड़ा नेटवर्क जरूरी होता है। इसी वजह से राज्य सरकार पूरे सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कर्नाटक के निवेश अभियान को हाल में अमेरिकी सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी Applied Materials से भी बढ़ावा मिला है। कंपनी ने कर्नाटक में अगले दस वर्षों के दौरान लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की है। यह परियोजना बेंगलुरु सिग्नेचर बिजनेस पार्क क्षेत्र में प्रस्तावित है और इससे लगभग एक हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
Applied Materials ने भारत में अगले दशक के दौरान व्यापक स्तर पर निवेश करने की योजना भी घोषित की है। कंपनी का फोकस रिसर्च, सप्लाई चेन और कार्यबल के विस्तार पर रहेगा। कर्नाटक सरकार इस निवेश को राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है।
भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र इस समय तेजी से विस्तार के दौर में है। SEMICON India 2026 के दूसरे दिन केंद्र सरकार ने बताया कि सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के विभिन्न क्षेत्रों में 25 प्रमुख घोषणाएं और सहयोग सामने आए। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन, एडवांस पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कार्यबल विकास शामिल हैं।
केंद्र सरकार की Semicon 2.0 पहल के तहत भी डिजाइन, उपकरण और सामग्री, फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग, एप्लाइड रिसर्च एंड डेवलपमेंट तथा प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इससे राज्यों के बीच सेमीकंडक्टर निवेश आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।
गुजरात, असम, ओडिशा और कर्नाटक जैसे राज्य निवेशकों को जमीन, बिजली, बुनियादी ढांचा, तेज मंजूरी प्रक्रिया और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। कर्नाटक के लिए बेंगलुरु का मौजूदा टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम इसकी प्रमुख ताकत है।
राज्य में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियां, स्टार्टअप, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और रिसर्च संस्थान पहले से मौजूद हैं। सरकार का मानना है कि इस आधार का उपयोग सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश लाने के लिए किया जा सकता है।
ASML के साथ हुई बातचीत भी इसी रणनीति का हिस्सा है। राज्य सरकार ने कंपनी के सामने उपलब्ध प्रतिभा, तकनीकी इकोसिस्टम और उद्योग नेटवर्क को पेश करते हुए बेंगलुरु में मौजूदगी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
हालांकि किसी भी निवेश का आकार, स्थान, रोजगार क्षमता या समयसीमा तभी स्पष्ट होगी जब संबंधित कंपनी औपचारिक निर्णय और निवेश घोषणा करेगी। फिलहाल ASML के साथ हुई बैठक को प्रारंभिक निवेश चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
SEMICON India 2026 में कर्नाटक सरकार की सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट है कि राज्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी मौजूदा डिजाइन और R&D ताकत को बड़े औद्योगिक निवेश में बदलने की कोशिश कर रहा है। ASML समेत वैश्विक कंपनियों के साथ बातचीत इसी दिशा में उठाया गया कदम है। आने वाले समय में इन चर्चाओं में से कितनी वास्तविक परियोजनाओं और निवेश में बदलती हैं, इस पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।





