
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक सरकार ने राज्य में अल्कोहल-इन-बेवरेज (AIB) आधारित एक्साइज ड्यूटी सिस्टम लागू कर दिया है, जिसके बाद शराब की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया है। राज्य के एक्साइज विभाग ने रविवार को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि यह नया टैक्स सिस्टम भारत में पहली बार लागू किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि यह नीति मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के तहत लागू की गई है और इसे 11 मई, 2026 से प्रभावी किया गया है।
सरकार के अनुसार, इस नई कर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य में शराब की कीमतों को संतुलित करना है। इसके तहत कर्नाटक के उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम और स्थिर कीमतों पर शराब उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, इस सिस्टम को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और केरल जैसे पड़ोसी राज्यों की कीमतों के अनुरूप लाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
एक्साइज विभाग ने बताया कि AIB आधारित ड्यूटी सिस्टम में शराब पर टैक्स उसकी संरचना और अल्कोहल कंटेंट के आधार पर तय किया जाता है। इससे कर व्यवस्था अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक बनती है और बाजार में कीमतों की असमानता को कम करने में मदद मिलती है।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल राजस्व प्रणाली अधिक संगठित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक स्पष्ट और स्थिर मूल्य संरचना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अवैध मूल्य निर्धारण और बाजार में अनियमितताओं पर भी नियंत्रण संभव होगा।
प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि इस तरह की टैक्स प्रणाली को दुनिया भर में शराब कर व्यवस्था का “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है, क्योंकि यह उत्पादन, गुणवत्ता और उपभोक्ता मूल्य के बीच संतुलन बनाए रखने में सक्षम होती है।
नई नीति लागू होने के बाद राज्य में शराब की कीमतों में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं, जिससे उपभोक्ता बाजार में नई दरों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। व्यापारिक वर्ग भी इस बदलाव के प्रभाव का आकलन कर रहा है।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इस नीति के परिणामों पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इसमें सुधार किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य एक संतुलित और पारदर्शी एक्साइज सिस्टम स्थापित करना है, जो राज्य की आर्थिक जरूरतों और उपभोक्ता हितों दोनों को ध्यान में रखे।





