
Karnataka कर्नाटक : सूरज की तपिश दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। खासकर आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित चिंतामणि तालुका में सूरज की तपिश से सिर जल रहा है। सुबह 9 बजे से ही गर्मी बढ़ रही है और लोग इससे बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गर्मी के मौसम में गरीबों का फ्रिज कहे जाने वाले मटके खरीदने के लिए लोग उमड़ पड़े हैं और इसकी मांग भी बढ़ गई है। गरीब और अमीर दोनों ही इन्हें खरीद रहे हैं और सुभाष रोड और शहर के अन्य इलाकों में मिट्टी के मटके का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। पानी जमा करने की क्षमता के हिसाब से एक मटका 100 से 600 रुपये में बिक रहा है।
चिलचिलाती धूप के कारण भले ही कीमत बढ़ी है, लेकिन खरीदारी तेज है। राजस्थान के मटके की मांग काफी है और जगह-जगह राजस्थान के मटके बिक रहे हैं। लाल मिट्टी से बने ये मटके लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बर्तनों में आधुनिकता का तड़का: आधुनिकता के अनुरूप उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए रंग-बिरंगे पेंट किए गए बर्तन, हैंडल वाले बर्तन, विभिन्न बोतलनुमा आकृति वाले बर्तन, ढक्कन वाले बर्तन और नल वाले बर्तन बाजार में आ गए हैं।





