कर्नाटक

Karnataka : तेज बारिश से जलाशयों में बढ़ा पानी का स्तर

Kavita2
8 July 2026 2:53 PM IST
Karnataka : तेज बारिश से जलाशयों में बढ़ा पानी का स्तर
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बेंगलुरु: कर्नाटक में मानसून की तेज गतिविधियों के कारण राज्य के प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। पश्चिमी घाट समेत कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। प्रशासन जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

राज्य के हासन, चिक्कमगलुरु, विजयपुरा और मांड्या जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। भारी बारिश के कारण कई प्रमुख बांधों में पानी का बहाव बढ़ गया है, जिससे जल संसाधन विभाग ने निगरानी तेज कर दी है।

हेमावती जलाशय में बढ़ा पानी का बहाव

हासन जिले में मानसून की सक्रियता के कारण सकलेशपुर, अलूर, बेलूर और अरकलगुडु क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। हवा के साथ हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

चिक्कमगलुरु जिले और मुदिगेरे क्षेत्र में हुई भारी बारिश का सीधा असर हासन जिले के हेमावती जलाशय पर पड़ा है। इस जलाशय में पानी की आवक काफी बढ़ गई है।

हासन तालुक के गोरूर स्थित हेमावती जलाशय में फिलहाल करीब 16,593 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। जलाशय से करीब 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

हेमावती जलाशय की कुल भंडारण क्षमता 37.103 टीएमसी है। वर्तमान में इसमें करीब 18.782 टीएमसी पानी जमा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश की स्थिति को देखते हुए जलाशय की निगरानी लगातार की जा रही है।

पश्चिमी घाट में बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर

कर्नाटक के पश्चिमी घाट क्षेत्रों में मानसून के दौरान भारी बारिश होती है, जिसका सीधा प्रभाव राज्य के जलाशयों पर पड़ता है। इस बार भी लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी की मात्रा बढ़ गई है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो कई और जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

अलमट्टी बांध में भी बढ़ी पानी की आवक

विजयपुरा जिले के निदागुंडी तालुक में कृष्णा नदी पर बने अलमट्टी बांध में भी पानी की आवक बढ़ गई है। महाराष्ट्र और घाट क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण कृष्णा नदी में जल प्रवाह बढ़ा है।

अलमट्टी बांध राज्य के सबसे महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजनाओं में शामिल है। यहां पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

कृष्णा नदी में पानी की आवक बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। बांध प्रबंधन की ओर से पानी के प्रवाह और जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है।

कावेरी बेसिन में भी सुधरे हालात

कर्नाटक के कावेरी बेसिन में भी अच्छी बारिश के कारण जलाशयों की स्थिति में सुधार हुआ है। मांड्या जिले में स्थित कृष्णराज सागर (KRS) बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

बारिश की शुरुआत में जलाशयों में पानी की कमी चिंता का विषय बनी हुई थी, लेकिन मानसून के सक्रिय होने के बाद स्थिति में सुधार आया है।

कृष्णराज सागर बांध कर्नाटक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सिंचाई और पेयजल आपूर्ति में बड़ी मदद मिलती है।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

जलाशयों में बढ़ते जलस्तर से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कर्नाटक के कई हिस्सों में कृषि पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर है। पर्याप्त पानी मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई में मदद मिलेगी।

हालांकि, लगातार तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन की नजर बारिश पर

मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन बांधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों में पानी की आवक और निकासी को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

फिलहाल कर्नाटक के प्रमुख बांधों में बढ़ता जलस्तर मानसून की सक्रियता का संकेत है। राज्य में बारिश जारी रहने से जल संसाधनों की स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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