
Karnataka कर्नाटक: कई हिस्सों में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने प्रदेश में मानसून की स्थिति को काफी हद तक सुधार दिया है। खासतौर पर तटीय कर्नाटक और मलनाड क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण जून के अंत तक दर्ज की गई बारिश की कमी में गिरावट आई है।
मौसम विभाग के अनुसार, जून के आखिर तक राज्य में बारिश की कमी 42 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो लगातार बारिश के बाद सोमवार को घटकर 35 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, अभी भी राज्य में सामान्य बारिश की तुलना में कमी बनी हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को कर्नाटक के लगभग 42 प्रतिशत हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और सूखे जैसे हालात से राहत मिली है।
तटीय और मलनाड क्षेत्रों में जमकर बरसे बादल
पिछले कुछ दिनों में सबसे ज्यादा असर कर्नाटक के तटीय इलाकों और मलनाड क्षेत्र में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदियों और जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ा है।
मलनाड क्षेत्र के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर घरों को मामूली नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसान की भंवर में फंसने से मौत
भारी बारिश के बीच शिवमोग्गा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। 65 वर्षीय किसान रामप्पा मलनाड इलाके में अगुम्बे के पास मलाथी नदी में अपने पंपसेट की जांच करने गए थे।
बताया गया कि इसी दौरान वह नदी में बने एक भंवर की चपेट में आ गए और पानी के तेज बहाव में बह गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने तलाश अभियान शुरू किया। किसान की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और तेज बहाव वाले जल क्षेत्रों के पास जाने से बचें।
पश्चिमी घाट के गांवों में बिजली संकट
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पश्चिमी घाट के कई अंदरूनी गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है।
पिछले दो दिनों में कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली के खंभे उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द बिजली बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद
कर्नाटक में मानसून की कमजोर शुरुआत के कारण किसानों को चिंता का सामना करना पड़ रहा था। कई क्षेत्रों में समय पर बारिश नहीं होने से खेती के काम प्रभावित हुए थे।
अब तटीय और मलनाड क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का वितरण समान रहना जरूरी है, ताकि पूरे राज्य के किसानों को इसका लाभ मिल सके।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। अधिकारियों को निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और भूस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से पश्चिमी घाट क्षेत्र में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की हैं।
मौसम विभाग ने जताई आगे बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, कर्नाटक के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रह सकती है।
तटीय क्षेत्रों और मलनाड इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की अपील की है।
मानसून की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार
कर्नाटक में पिछले कुछ दिनों की बारिश ने मानसून की स्थिति को बेहतर किया है। हालांकि, बारिश की कमी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो राज्य में बारिश का आंकड़ा और सुधर सकता है।
फिलहाल कर्नाटक के तटीय और मलनाड इलाकों में बारिश से जहां राहत मिली है, वहीं कुछ क्षेत्रों में नुकसान और बिजली संकट जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।





