
Karnataka कर्नाटक: सरकारी संगठनों के नाम पर फर्जी भर्ती पत्र (रिक्रूटमेंट लेटर) सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहे हैं, जिससे लोगों को गुमराह कर नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कुछ धोखेबाज तत्व सरकारी विभागों के नाम पर नकली भर्ती आदेश तैयार कर उन्हें व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैला रहे हैं। इन फर्जी दस्तावेजों में नौकरी का लालच देकर उम्मीदवारों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी भर्तियां केवल निर्धारित नियमों और आधिकारिक अधिसूचनाओं (ऑफिशियल नोटिफिकेशन) के माध्यम से ही की जाती हैं। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में न तो अनधिकृत माध्यमों का उपयोग किया जाता है और न ही किसी प्रकार की निजी डील या भुगतान की मांग की जाती है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या अनऑफिशियल स्रोत से मिले नौकरी के ऑफर या भर्ती पत्रों पर विश्वास न करें। खासकर ऐसे संदेशों से सावधान रहें जिनमें तुरंत पैसे जमा करने या नौकरी की गारंटी देने की बात कही जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे फर्जी मैसेजों के झांसे में आकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध भर्ती संदेश की पहले पूरी तरह जांच करना जरूरी है।
इसके अलावा विभाग ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि यदि उन्हें किसी तरह की संदिग्ध भर्ती गतिविधि या धोखाधड़ी का संदेह हो, तो तुरंत संबंधित सरकारी अधिकारियों या पुलिस को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है ताकि फर्जी वेबसाइट और मैसेजिंग चैनलों पर नजर रखी जा सके।
यह चेतावनी खासकर उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि ठग अक्सर उन्हीं को निशाना बनाते हैं।
Ministry of Health and Family Welfare ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी नौकरी से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता प्राप्त नोटिफिकेशन के माध्यम से ही सत्यापित की जानी चाहिए।





