
Karnataka कर्नाटक : मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार जनता की शिकायतों का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक अलग ‘पब्लिक सर्विस डिपार्टमेंट’ का गठन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विभाग का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कर्नाटक स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में की। इस दौरान उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ सुनें और कानून के दायरे में रहते हुए उनका समाधान करने का प्रयास करें।
सरकारी कार्यालयों में आने वालों की समस्याएं सुनें कर्मचारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि आम लोग बड़ी उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों में आते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग सरकारी दफ्तरों को भी उसी भरोसे से देखते हैं, जैसे वे किसी मंदिर में जाते समय रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचता है तो उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का कर्तव्य है कि वे जनता की सेवा को प्राथमिकता दें और लोगों की परेशानियों को समझते हुए समाधान निकालें।
शिकायतों के समाधान के लिए बनेगा नया विभाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए नया विभाग बनाने जा रही है। ‘पब्लिक सर्विस डिपार्टमेंट’ के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस विभाग के गठन से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों में भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि नागरिकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से सेवाएं मिल सकें।
कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम होती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को केवल नौकरी के रूप में नहीं बल्कि सेवा के रूप में देखना चाहिए।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकारी कर्मचारी यदि ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे तो जनता का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा।
लोगों को कार्यालयों से वापस नहीं भेजना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग अपनी समस्याएं लेकर सरकारी दफ्तरों में आते हैं तो उन्हें बिना समाधान के वापस नहीं भेजा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान हमेशा संभव नहीं हो सकता, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों को कम से कम लोगों की बात सुननी चाहिए और कानून के अनुसार रास्ता निकालने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता को सम्मान देना और उनकी परेशानियों को समझना हर सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
कानून के दायरे में समाधान खोजने की अपील
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करते समय नियमों और कानूनों का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक फैसले पारदर्शी और निष्पक्ष होने चाहिए।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे लोगों को सही जानकारी दें और उन्हें सरकारी प्रक्रियाओं को समझने में मदद करें।
सरकारी सेवाओं में सुधार की कोशिश
कर्नाटक सरकार लंबे समय से सरकारी सेवाओं को आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। नया विभाग बनाने की घोषणा को भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं, शिकायतों और अन्य सेवाओं के लिए कम परेशानी उठानी पड़े।
कर्मचारी संगठन के कार्यक्रम में दिया संदेश
कर्नाटक स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के योगदान की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सरकारी कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए काम करना चाहिए। प्रशासन तभी प्रभावी बन सकता है जब कर्मचारी और सरकार मिलकर जनता की सेवा करें।
जनता केंद्रित प्रशासन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री की घोषणा से साफ है कि कर्नाटक सरकार प्रशासन को अधिक जनता केंद्रित बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। नया पब्लिक सर्विस डिपार्टमेंट बनने के बाद शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज करने की उम्मीद है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सेवाएं देना है और इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सेवा भावना के साथ काम करें।





