कर्नाटक

NEET विवाद के बीच कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला

Kavita2
22 May 2026 11:26 AM IST
NEET विवाद के बीच कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला
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Karnataka कर्नाटक: NEET-UG क्वेश्चन पेपर लीक विवाद के बीच कर्नाटक सरकार ने उच्च शिक्षा से जुड़े सीट आवंटन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया से अलग रखते हुए जारी रखा जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम.सी. सुधाकर ने यह घोषणा यूथ कांग्रेस द्वारा NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित विरोध रैली के दौरान की। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों में दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

मंत्री ने बताया कि इंजीनियरिंग सीटों के लिए काउंसलिंग कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू की जाएगी। यह परिणाम अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है, जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 से मेडिकल और अन्य कोर्सों के लिए काउंसलिंग एक साथ आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सके। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों और NEET को लेकर चल रहे विवाद के चलते इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

डॉ. एम.सी. सुधाकर ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों की काउंसलिंग को NEET परिणामों का इंतजार किए बिना आगे बढ़ाया जाए। इससे छात्रों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से हजारों छात्रों को समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी और शैक्षणिक सत्र में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

यूथ कांग्रेस की रैली में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए, जिन्होंने NEET परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग की। इस दौरान सरकार और विपक्ष दोनों ने छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग प्रवेश प्रक्रियाओं से प्रशासनिक जटिलता बढ़ सकती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में छात्रों की सुविधा और समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया को प्राथमिकता देना जरूरी है।

फिलहाल राज्य सरकार CET परिणामों की घोषणा का इंतजार कर रही है, जिसके बाद इंजीनियरिंग और संबंधित कोर्सों की काउंसलिंग औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी। इस फैसले के बाद राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक बार फिर बदलाव की दिशा में चर्चा तेज हो गई है।

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