कर्नाटक

Karnataka : सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए 8-स्टेप योजना शुरू की

Kavita2
28 April 2026 8:00 AM IST
Karnataka : सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए 8-स्टेप योजना शुरू की
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Karnataka कर्नाटक: सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक व्यापक आठ-सूत्रीय योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और विद्यार्थियों को आधुनिक, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस योजना की जानकारी साझा करते हुए राज्य के अभिभावकों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि SSLC परीक्षा में 94.1 प्रतिशत और दूसरी पीयूसी परीक्षा में 86.48 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो सरकारी शिक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

सरकार द्वारा घोषित आठ प्रमुख सुधारों में सबसे पहले स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा, कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन सुविधा देने की योजना है, ताकि शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान हो सके।

योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहली कक्षा से ही डिजिटल शिक्षा को लागू करना है, जिससे छात्र आधुनिक तकनीक आधारित सीखने के तरीकों से जुड़ सकें। इसके साथ ही सरकार ने कला, खेल और कौशल विकास (स्किल ट्रेनिंग) को भी शिक्षा प्रणाली में शामिल करने का निर्णय लिया है।

अन्य सुधारों में शैक्षणिक गुणवत्ता की नियमित निगरानी, माध्यम (भाषा) के चयन में लचीलापन और बेहतर बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इन सभी उपायों का उद्देश्य सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी संस्थानों के बराबर मजबूत बनाना है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य सरकार का पांच वर्षीय विज़न यह है कि कर्नाटक को देश में सर्वश्रेष्ठ सरकारी शिक्षा प्रणाली वाला राज्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से 50 लाख से अधिक छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि शिक्षकों, अभिभावकों और विशेषज्ञों के सुझावों से नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

सरकार के अनुसार, यह आठ-सूत्रीय योजना केवल शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और भविष्य की तैयारी के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति है। इससे छात्रों को बेहतर अवसर, समान शिक्षा और कौशल आधारित प्रशिक्षण मिल सकेगा।

इस पहल को कर्नाटक में शिक्षा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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