कर्नाटक

Karnataka सरकार ने गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए 4,500 लाख रुपये मंजूर किए

Harrison
25 April 2026 6:37 PM IST
Karnataka सरकार ने गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए 4,500 लाख रुपये मंजूर किए
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Kalaburagi कलबुर्गी: गर्मियों के दौरान बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण जिलों में आपातकालीन पेयजल व्यवस्था के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 4,500 लाख रुपये की राशि मंजूर की है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को साफ और सुरक्षित पीने का पानी समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
इस निर्णय की जानकारी ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री Priyank Kharge ने दी। उन्होंने बताया कि यह फंड विशेष रूप से उन इलाकों के लिए उपयोग किया जाएगा, जहां गर्मी के मौसम में पानी की भारी कमी हो जाती है और सामान्य जल आपूर्ति बाधित हो जाती है।
सरकार के अनुसार, इस राशि का उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। इसमें टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति, निजी बोरवेल को किराए पर लेकर पानी उपलब्ध कराना, और बंद पड़े जल स्रोतों को फिर से चालू करना शामिल है। इन सभी उपायों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि गर्मियों में कई ग्रामीण इलाकों में जल स्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे लोगों को
गंभीर कठिनाइयों
का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह फंड प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने में मदद करेगा और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को राहत दी जा सकेगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत जिला और तालुका स्तर पर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे पानी की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखें। जहां भी पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तुरंत टैंकर सेवा शुरू की जाए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर खराब पड़े कुओं और बोरवेल की मरम्मत कर उन्हें फिर से उपयोग में लाने की व्यवस्था की जाएगी।
इस योजना में निजी संसाधनों को भी जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा। कई क्षेत्रों में जहां सरकारी जल स्रोत पर्याप्त नहीं हैं, वहां निजी बोरवेल को किराए पर लेकर लोगों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत के अनुसार तुरंत निर्णय लिया जा सके।
कर्नाटक सरकार का मानना है कि गर्मियों में पानी की समस्या हर साल एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में। इस समस्या को देखते हुए यह बजट मंजूरी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन को यह भी कहा गया है कि वे जल स्रोतों के संरक्षण और पुनः उपयोग पर भी ध्यान दें, ताकि लंबे समय तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही लोगों को पानी के सही उपयोग के लिए जागरूक करने की भी योजना बनाई जा रही है।
इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
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