
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु के बिदराहल्ली के पास रामपुरा के बाहरी इलाके में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग गोदाम में अचानक आग लग गई। दिन के करीब 3 बजे शुरू हुई यह आग देखते ही देखते इतनी फैल गई कि पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान हुआ।
जानकारी के अनुसार, यह आग सबसे पहले गोदाम के एक हिस्से में छोटी सी चिंगारी के रूप में शुरू हुई थी। लेकिन तेज गर्मी और प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही समय में पूरे शेड में आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
गोदाम में रीसाइक्लिंग के लिए रखी गई प्लास्टिक की बोतलें, सोफा स्पंज, प्लास्टिक की कुर्सियां और अन्य प्लास्टिक सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद थी, जो आग लगने के बाद पूरी तरह जल गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
बताया गया है कि इस यूनिट के शेड में 15 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे और कुछ वहीं पर रह भी रहे थे। आग लगते ही सभी मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि थोड़ी भी देर होती तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
गोदाम के मालिक माधव, जो तमिलनाडु के निवासी बताए जा रहे हैं, घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे। जानकारी के अनुसार, वे मतदान करने के लिए अपने गृह राज्य गए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड को तुरंत मौके पर बुलाया गया।
दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए करीब छह घंटे तक लगातार प्रयास किया। आग इतनी तेज थी कि उसे बुझाने में काफी कठिनाई आई, लेकिन अंततः काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गोदाम में सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं थे और ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में एक साथ रखी गई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।
प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या गर्मी के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है।





