कर्नाटक

Karnataka : खदान में ड्रिलिंग के दौरान धमाका, एक मजदूर की मौत

Kavita2
3 July 2026 12:51 PM IST
Karnataka : खदान में ड्रिलिंग के दौरान धमाका, एक मजदूर की मौत
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Karnataka कर्नाटक: एक और खदान हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में रामनगर खदान हादसे में 8 लोगों की मौत की घटना अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी कि राज्य में एक और दर्दनाक हादसा सामने आ गया। इस बार चिक्काबल्लापुर तालुक के पेरेसांद्रा के पास हिरेनगावल्ली हिल्स में स्थित इको सैंड खदान में ड्रिलिंग ऑपरेशन के दौरान हुए धमाके में एक मजदूर की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब खदान में सामान्य ड्रिलिंग कार्य चल रहा था। अचानक हुए धमाके से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान 35 वर्षीय नागेंद्र के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के धर्मावरम का रहने वाला था। वह खदान में मजदूरी का काम करता था और अन्य श्रमिकों के साथ रोज़मर्रा की तरह काम कर रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और खदान स्थल पर कामकाज रोक दिया गया।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रिलिंग के दौरान धमाका कैसे हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

इस हादसे के बाद एक बार फिर खनन कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार हो रहे खदान हादसों ने मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। रामनगर में हुए बड़े हादसे के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की स्थिति कमजोर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान में अक्सर भारी मशीनों और विस्फोटक सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन कई बार ठीक तरीके से नहीं किया जाता। इस वजह से दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और खदान प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि क्या ड्रिलिंग के दौरान किसी तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही के कारण धमाका हुआ।

प्रशासन ने मृतक के परिवार को सूचना दे दी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। खदान क्षेत्र में फिलहाल काम रोक दिया गया है और सुरक्षा जांच के बाद ही आगे की अनुमति दी जाएगी।

इस घटना के बाद श्रमिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खनन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर लगातार जोखिम में रहते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाती। उन्होंने मांग की है कि खदानों में सख्त सुरक्षा नियम लागू किए जाएं और नियमित निरीक्षण किया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि खनन उद्योग में सुरक्षा मानकों का पालन न होना ऐसे हादसों का प्रमुख कारण है। ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग जैसे कार्यों में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर खनन कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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