कर्नाटक

Karnataka : 34,563 मंदिरों के दान पर सख्त निगरानी, एंडोमेंट विभाग ने बनाया सिस्टम

Kavita2
29 Jun 2026 11:47 AM IST
Karnataka : 34,563 मंदिरों के दान पर सख्त निगरानी, एंडोमेंट विभाग ने बनाया सिस्टम
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Karnataka कर्नाटक: हिंदू धार्मिक संस्थाएं और चैरिटेबल एंडोमेंट्स विभाग ने राज्य के 34,563 मंदिरों के दैनिक संचालन और विकास कार्यों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक विशेष प्रणाली विकसित की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिरों में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए जिसके लिए वह दिया गया है।

राज्य में मंदिरों को उनकी आय के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 201 ग्रेड-A मंदिर शामिल हैं, जिनकी वार्षिक आय 25 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा 139 ग्रेड-B मंदिर हैं, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच है। वहीं सबसे बड़ी संख्या में 34,223 ग्रेड-C मंदिर शामिल हैं।

विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों की कुल वार्षिक आय औसतन 650 करोड़ रुपये से 700 करोड़ रुपये के बीच है। यह राशि विभिन्न मंदिरों के संचालन, रखरखाव और विकास कार्यों में उपयोग की जाती है।

एंडोमेंट विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दिनेश पी ने बताया कि प्रत्येक मंदिर का अलग-अलग लेखा-जोखा रखा जाता है और उसी मंदिर में प्राप्त धन का उपयोग उसी मंदिर के विकास और रखरखाव के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रणाली को इस तरह से तैयार किया गया है कि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और भक्तों का विश्वास मजबूत हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भक्तों को उनके द्वारा दिए गए चढ़ावे का पूरा हिसाब उपलब्ध कराया जाता है, चाहे वह सोना, चांदी या अन्य प्रकार की सामग्री के रूप में हो। विशेष गहनों का उपयोग भक्तों की इच्छा या विशेष धार्मिक अवसरों पर ही किया जाता है।

कैश में मिलने वाला चढ़ावा सीधे मंदिर के मुख्य खाते में जमा किया जाता है और उसका उपयोग विकास कार्यों तथा रखरखाव में किया जाता है। विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से मंदिरों के संसाधनों का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली का उद्देश्य केवल वित्तीय नियंत्रण नहीं, बल्कि मंदिरों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता लाना भी है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया हर योगदान धार्मिक संस्थानों के विकास में ही उपयोग हो।

विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से मंदिरों के प्रबंधन में सुधार होगा और भक्तों का विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही, मंदिरों की आय का सही उपयोग सुनिश्चित कर धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

कर्नाटक सरकार द्वारा नियंत्रित यह प्रणाली मंदिरों के प्रशासन को अधिक संगठित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य में धार्मिक संस्थानों के संचालन में नई व्यवस्था स्थापित हो रही है।

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