
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र की वोट गिनती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रेवेन्यू मंत्री कृष्ण भैरेगौड़ा ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की जांच फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वोटों की दोबारा गिनती के दौरान गड़बड़ी की गई, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंत्री भैरेगौड़ा के अनुसार, पिछली गिनती के बाद कुछ पोस्टल बैलेट में बदलाव किया गया है, जबकि सभी पार्टी एजेंटों की सहमति और हस्ताक्षर पहले ही लिए जा चुके थे। इसके बावजूद बाद में वोटों में बदलाव पाया गया, जिसे उन्होंने गंभीर अनियमितता बताया है।
आरोप के मुताबिक, कुछ बैलेट पेपर में एक उम्मीदवार के पक्ष में लगाए गए टिक को बाद में अलग स्याही से फिर से चिह्नित किया गया, जिससे वे वोट संदिग्ध और अंततः अवैध घोषित कर दिए गए। इस प्रक्रिया को लेकर मंत्री ने इसे “सुनियोजित गड़बड़ी” और “गंभीर आपराधिक साजिश” करार दिया है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा असर डालती हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती हैं। भैरेगौड़ा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए।
इस विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। विभिन्न दलों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर शिकायतों की जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला चुनावी प्रक्रिया में गंभीर सुधारों की जरूरत को उजागर करेगा। साथ ही, पोस्टल बैलेट की सुरक्षा और गिनती प्रणाली पर भी सवाल खड़े होंगे।
फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि फोरेंसिक जांच में क्या सामने आता है और क्या चुनाव परिणामों की वैधता पर कोई असर पड़ेगा। मामले ने राज्य की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है और आगे इसकी जांच को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।





