
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों की जांच और सत्यापन पर विचार किया जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके।
KPCC कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने स्वीकार किया कि गृहलक्ष्मी योजना में लगभग 100 करोड़ रुपये के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में सरकार लाभार्थियों से आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने और विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किन मामलों में अनियमितताएं हुई हैं और उन्हें कैसे रोका जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृहलक्ष्मी योजना से जुड़ी कुछ गड़बड़ियों की जानकारी सरकार के संज्ञान में आई है। इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां कुछ लाभार्थियों के नाम पर भुगतान जारी रहा, जबकि उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके अलावा यह भी आशंका जताई गई है कि कुछ मामलों में पंजीकृत मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग कर अयोग्य लोग लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच प्रक्रिया को भी बेहतर बनाया जाएगा। अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से ले रही है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो और जरूरतमंद लोगों को ही लाभ मिले।
कुल मिलाकर, गृहलक्ष्मी योजना में सामने आए कथित दुरुपयोग के मामलों के बाद राज्य सरकार अब लाभार्थियों की जांच और सिस्टम की समीक्षा की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार कर रही है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके।





