
कर्नाटक में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अंदरूनी सत्ता संघर्ष में तेज़ी आती दिख रही है, जहाँ कई विधायक राज्य कैबिनेट में पद पाने के लिए ज़ोर-शोर से कोशिश कर रहे हैं।लगभग 45 विधायक बेंगलुरु में इकट्ठा हुए ताकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में मंत्री पद मिलने की अपनी संभावनाओं पर चर्चा कर सकें। बैठक के बाद, उन्होंने 26 मार्च को नई दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी माँगें रखने का फ़ैसला किया।
इनमें से कई विधायक—जिनमें ज़्यादातर पहली या दूसरी बार चुने गए प्रतिनिधि हैं—2028 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्पष्टता और पार्टी के भीतर चल रहे अंदरूनी मतभेदों के समाधान की तलाश में हैं।एक अलग घटनाक्रम में, वरिष्ठ नेता एन. ए. हारिस और अन्य अनुभवी विधायकों ने सिद्धारमैया से मुलाक़ात की और कैबिनेट में शामिल किए जाने की माँग की।ये बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर तनाव की अटकलें बढ़ रही हैं। पार्टी नेताओं की हालिया बैठकों और बयानों ने राज्य इकाई के भविष्य के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दी है।





