
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य के मुस्लिम ठेकेदारों को सरकारी टेंडरों में आरक्षण देने का फैसला लिया है। इस संबंध में Karnataka Transparency in Public Procurement (KTPP) Act में संशोधन किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम मुस्लिम समुदाय के विकास और समग्र सामाजिक समावेशन के लिए उठाया गया है।
इस संशोधन के तहत अब मुस्लिम ठेकेदारों को विभिन्न सरकारी परियोजनाओं और टेंडरों में आरक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धा में एक समान अवसर मिल सकेगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम मुस्लिम समुदाय को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से उन्नत करने में मदद करेगा।
कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सामाजिक और आर्थिक न्याय के दृष्टिकोण से अहम बताया। इससे पहले, राज्य में विभिन्न जातियों और समुदायों को सरकारी कामों में आरक्षण दिया गया था, लेकिन अब मुस्लिम ठेकेदारों को भी समान अधिकार मिलने जा रहे हैं। इस फैसले से खासकर छोटे और मंझले मुस्लिम ठेकेदारों को फायदें की उम्मीद है, जो सरकारी परियोजनाओं में भाग लेने से पहले अक्सर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करते थे।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम उनके समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि यह फैसले से आरक्षण की नीति को और जटिल किया जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे सामाजिक समावेशन का हिस्सा बताया है।अब कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों को सरकारी टेंडरों में आरक्षण मिलने से उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।





