कर्नाटक

Karnataka : प्रियदर्शिनी योजना विस्तार से महिला रोजगार को बढ़ावा

Kavita2
17 Jun 2026 2:50 PM IST
Karnataka : प्रियदर्शिनी योजना विस्तार से महिला रोजगार को बढ़ावा
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Karnataka कर्नाटक : मंगलुरु शहर और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही कमी जल्द दूर होने की संभावना जताई जा रही है। इसका प्रमुख कारण पड़ोसी राज्य केरल सरकार द्वारा ‘प्रियदर्शिनी योजना’ के दायरे को राज्य की सीमा से सटे कुछ क्षेत्रों तक बढ़ाने का निर्णय है। इस योजना के तहत महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है।

केरल सरकार के इस फैसले से कासरगोड जिले की महिलाओं के लिए मंगलुरु में रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त यात्रा सुविधा मिलने से महिलाएं बिना अतिरिक्त खर्च के सीमा पार कर नौकरी करने जा सकेंगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में महिला श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ सकती है।

इस कदम से न केवल रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, बल्कि सीमा क्षेत्र में व्यापार और लोगों की आवाजाही भी बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय उद्योगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि कार्यबल की उपलब्धता में सुधार होगा और उत्पादन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

मंगलुरु और कासरगोड रूट को लंबे समय से एक साझा सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र माना जाता है। इस मार्ग पर रोजाना हजारों लोग कर्नाटक और केरल की सीमा पार करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी और व्यापारी शामिल होते हैं। यह आवाजाही रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रियदर्शिनी योजना के विस्तार से इस क्षेत्रीय जुड़ाव को और मजबूती मिलेगी। खासकर उन महिलाओं के लिए यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जो कासरगोड से मंगलुरु आकर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करना चाहती हैं।

औद्योगिक संगठनों का मानना है कि महिला कर्मचारियों की कमी के कारण कई इकाइयों को कार्यबल की समस्या का सामना करना पड़ता है। मुफ्त यात्रा सुविधा से इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है, जिससे उद्योगों की दक्षता और उत्पादन क्षमता में सुधार होगा।

स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे सीमा पार आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और मजबूत होगा।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के प्रभाव का वास्तविक आकलन समय के साथ ही किया जा सकेगा, लेकिन प्रारंभिक रूप से यह कदम क्षेत्रीय विकास के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

फिलहाल, केरल सरकार के इस फैसले के बाद मंगलुरु-कासरगोड क्षेत्र में रोजगार और आवागमन के नए अवसर बनने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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