
बेंगलुरु। कर्नाटक में किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने राज्य सरकार से किसानों के लिए बड़ा कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि सरकार किसानों के 5 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ करे और बारिश की कमी से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए।
बी.वाई. विजयेंद्र ने यह मांग गुरुवार को सिंदनूर में ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा के तीसरे दिन के समापन के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी के कारण किसानों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
किसानों की स्थिति पर जताई चिंता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कम बारिश और खराब मौसम की वजह से कृषि क्षेत्र पर सीधा असर पड़ा है। कई किसानों को फसल नुकसान का सामना करना पड़ा है, जबकि उत्पादन घटने से उनकी आय भी प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार को किसानों के हित में ठोस फैसले लेने चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए फसल ऋण माफी योजना लागू की जाए।
5 लाख रुपये तक ऋण माफी की मांग
विजयेंद्र ने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों के 5 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे संकट से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग
बी.वाई. विजयेंद्र ने बारिश की कमी और किसानों की स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को किसानों की वास्तविक स्थिति समझने और राहत उपायों पर निर्णय लेने के लिए विशेष सत्र जरूरी है।
‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा का समापन
विजयेंद्र ने यह बयान ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा के तीसरे दिन के समापन के बाद दिया। भाजपा की इस पदयात्रा के जरिए पार्टी राज्य सरकार की नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने किसानों, विकास कार्यों और शासन से जुड़े मुद्दों को उठाया।
सरकार पर लगाए आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर किसानों के लिए ठोस राहत योजनाएं लागू करनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है।
किसानों के मुद्दे पर बढ़ेगी राजनीति
कर्नाटक में किसानों से जुड़े मुद्दे हमेशा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं। आने वाले समय में किसान ऋण, सूखा और फसल नुकसान जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।
भाजपा लगातार किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।
फिलहाल बी.वाई. विजयेंद्र की मांग ने कर्नाटक की राजनीति में किसानों के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है। ऋण माफी और विशेष विधानसभा सत्र की मांग को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।





