
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में असमर्थ है, तो मुख्यमंत्री को विधानसभा भंग कर राज्य में जीबीए और स्थानीय निकाय चुनावों के साथ चुनाव कराने की सलाह दी जानी चाहिए।
प्रदेश भाजपा कार्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पिछले दो वर्षों से मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान जारी है। उन्होंने दावा किया कि डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के 48 घंटे के भीतर ही रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जो सरकार के भीतर अस्थिरता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अभी तक किसी भी तरह की स्थिरता या संकट से बाहर निकलने के संकेत नहीं दे पाई है। विजयेंद्र के अनुसार राज्य में विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता सरकार से असंतुष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक मामलों में ध्यान नहीं दे रही है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सभी राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर चार अलग-अलग शक्ति केंद्र काम कर रहे हैं, जिनमें डी.के. शिवकुमार, बी.के. हरिप्रसाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया शामिल हैं। उनके अनुसार ये शक्ति केंद्र आपस में संघर्ष कर रहे हैं, जिसका सीधा असर सरकार की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
विजयेंद्र ने कहा कि इस आंतरिक संघर्ष के कारण सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पा रही है और प्रशासनिक फैसलों में देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सत्ता संतुलन की लड़ाई में उलझी हुई है और विकास कार्य पीछे छूट गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की जनता अब इस स्थिति से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। भाजपा नेता ने दावा किया कि जनता सरकार की कार्यशैली से ऊब चुकी है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
इस बीच, कर्नाटक की राजनीति में लगातार बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप से माहौल गर्म होता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर जहां अस्थिरता और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है, वहीं कांग्रेस की ओर से अभी इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





