
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में शराब उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने नई ‘अल्कोहल इन बेवरेज’ (AiB) पॉलिसी के तहत माइल्ड और लेगर बीयर की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की कटौती की है। यह नई कीमतें 11 मई से लागू हो गई हैं। एक्साइज विभाग ने बीयर और स्पिरिट्स के लिए नई अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) सूची जारी की है, जिससे बाजार में कई लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है।
नई सूची के अनुसार 5 प्रतिशत अल्कोहल v/v वाली बीयर की 650 ml बोतलों की कीमतों में अलग-अलग ब्रांड्स पर अलग प्रभाव पड़ा है। किंगफिशर प्रीमियम और किंगफिशर अल्ट्रा की कीमत में 75 रुपये तक की कमी की गई है, जबकि हेनेकेन की कीमत में 70 रुपये की कटौती हुई है। इसी तरह UB एक्सपोर्ट में 25 रुपये और बडवाइज़र प्रीमियम में 20 रुपये की कमी दर्ज की गई है। इस बदलाव से बीयर उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
इसके साथ ही प्रीमियम स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में भी 20 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। ब्लैक लेबल (43 प्रतिशत अल्कोहल v/v) और चिवास रीगल (40 प्रतिशत अल्कोहल v/v) की 750 ml बोतल की कीमत 5,190 रुपये से घटाकर 4,100 रुपये कर दी गई है। यह बदलाव प्रीमियम शराब बाजार में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, नई एक्साइज नीति के तहत देश में बनी शराब (IML) के पहले पांच एक्साइज स्लैब में कीमतों को बढ़ाया गया है। ये स्लैब मुख्य रूप से 180 ml (निप) और टेट्रा पैक में बेची जाने वाली शराब पर लागू होते हैं। इन श्रेणियों में कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ये पहले पांच एक्साइज स्लैब राज्य के कुल एक्साइज राजस्व का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करते हैं। ऐसे में इस बदलाव का सीधा असर मिडिल और लोअर इनकम वर्ग के उपभोक्ताओं पर अधिक पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
इसी श्रेणी में लोकप्रिय रम ब्रांड ‘ओल्ड मोंक’ की कीमत में भी बदलाव किया गया है। 42.8 प्रतिशत अल्कोहल v/v वाली इस रम की 750 ml बोतल की कीमत 765 रुपये से बढ़ाकर 850 रुपये कर दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई एक्साइज पॉलिसी से राज्य के राजस्व ढांचे में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है, जहां एक तरफ प्रीमियम उत्पाद सस्ते किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ता वर्ग पर बोझ बढ़ाया गया है।
इस नीति को लेकर बाजार में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उपभोक्ता वर्ग को जहां बीयर और प्रीमियम ब्रांड्स में राहत मिली है, वहीं देशी और सस्ती शराब के दाम बढ़ने से चिंता भी जताई जा रही है।





