कर्नाटक

Karnataka : बन्नेरघट्टा पार्क में चीतों का आगमन, प्रजनन से बढ़ी रौनक

Kavita2
14 Jun 2026 11:07 AM IST
Karnataka : बन्नेरघट्टा पार्क में चीतों का आगमन, प्रजनन से बढ़ी रौनक
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Karnataka कर्नाटक: बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर सामने आई है। साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों ने अपने नए पर्यावरण में सफलतापूर्वक खुद को ढाल लिया है और अब उन्हें आम लोगों के लिए देखने हेतु खुले बाड़े में रखा गया है। इसके साथ ही पार्क में ज़ेबरा और दरियाई घोड़े के बच्चों के जन्म ने वन्यजीव संरक्षण केंद्र में खुशी और उत्सव का माहौल बना दिया है।

हाल ही में साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों ने आवश्यक क्वारंटाइन अवधि को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान पशु चिकित्सकों और देखभाल करने वाले स्टाफ ने लगातार उनकी सेहत, खानपान और स्थानीय मौसम के अनुसार उनके अनुकूलन पर कड़ी निगरानी रखी। विशेषज्ञों ने यह सुनिश्चित किया कि चीतों को नए वातावरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सामान्य व्यवहार में लौट सकें।

सभी स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी प्रक्रिया संतोषजनक पाए जाने के बाद चीतों को एक बड़े आउटडोर बाड़े में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस बाड़े में अब आगंतुक उन्हें करीब से देख सकते हैं, जिससे पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक बड़ा आकर्षण बन गया है। चीतों की उपस्थिति से पार्क के वन्यजीव संग्रह में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है और यह संरक्षण कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इसी बीच, पार्क में वन्यजीव प्रजनन कार्यक्रम के तहत भी खुशखबरी आई है। ‘कबीनी’ नाम की एक ज़ेबरा ने हाल ही में एक स्वस्थ मादा बछड़े को जन्म दिया है। पार्क अधिकारियों के अनुसार, नवजात बछड़ा पूरी तरह स्वस्थ है और अपनी मां की देखरेख में नियमित रूप से दूध पी रहा है। इस नए जन्म के साथ ही बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में ज़ेबरा की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सफल प्रजनन और अंतरराष्ट्रीय स्तर से लाए गए प्रजातियों का अनुकूलन पार्क के संरक्षण कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। इससे न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आगंतुकों के लिए भी पार्क अधिक आकर्षक बनता है।

पार्क प्रशासन ने बताया कि चीतों को धीरे-धीरे बड़े क्षेत्र में अभ्यस्त कराया जा रहा है ताकि वे पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में सहज महसूस कर सकें। इसके साथ ही अन्य वन्यजीवों की देखभाल और प्रजनन कार्यक्रम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में हालिया घटनाक्रम ने वन्यजीव संरक्षण और प्रजनन गतिविधियों को नई ऊर्जा दी है। चीतों की सफल एडॉप्टेशन और नए वन्यजीव जन्मों ने पार्क को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटकों और शोधकर्ताओं दोनों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।

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