कर्नाटक

Karnataka : नया सचिवालय बनाने की घोषणा, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

Kavita2
5 Jun 2026 1:30 PM IST
Karnataka : नया सचिवालय बनाने की घोषणा, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने गुरुवार को राज्य में लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नया सचिवालय (सेक्रेटेरिएट) स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, एडीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित उच्च स्तरीय नौकरशाहों के साथ हुई बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने कहा कि राज्य में जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी, जहां लोगों की याचिकाएं ली जाएंगी और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा।

डी के शिवकुमार ने बताया कि इस नए सचिवालय में लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए एक अलग मंत्री की भी नियुक्ति की जाएगी, जो सीधे नागरिकों की समस्याओं को देखेगा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में राज्य में हर दिन दो से तीन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि यह तय किया जाए कि कौन सी मांगें कानूनी और उचित हैं और किन मांगों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) के लिए भी एक अलग सचिवालय बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नया विभाग विदेशों में रह रहे भारतीयों की समस्याओं के समाधान और कर्नाटक में निवेश के इच्छुक NRIs की सहायता के लिए काम करेगा।

उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित NRI सचिवालय के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और राज्य में अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय प्रशासनिक सुधारों और निवेश आकर्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल जनता की शिकायतों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है, बल्कि राज्य में विकास कार्यों और निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

कर्नाटक सरकार की यह पहल प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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