
Karnataka कर्नाटक: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के हम्पी सर्कल ने कर्नाटक के ऐतिहासिक हम्पी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज की है। यहां स्थित प्रसिद्ध हज़ारा राम मंदिर परिसर में चल रही वैज्ञानिक खुदाई के दौरान प्राचीन ड्रेनेज सिस्टम का एक हिस्सा सामने आया है।
यह खोज शुक्रवार को उस समय हुई जब ASI की टीम मंदिर परिसर में व्यवस्थित वैज्ञानिक खुदाई और संरचनात्मक अध्ययन कर रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ड्रेनेज सिस्टम प्राचीन समय में जल निकासी व्यवस्था का हिस्सा रहा होगा, जो उस काल की उन्नत नगर नियोजन प्रणाली को दर्शाता है।
इसके साथ ही खुदाई के दौरान अलवर शैली की दो और मूर्तियां भी बरामद की गई हैं। यह खोज हाल के हफ्तों में इसी स्थल से मिल रही महत्वपूर्ण पुरातात्विक वस्तुओं की श्रृंखला का हिस्सा है, जिससे हम्पी क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता और अधिक स्पष्ट होती जा रही है।
ASI अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी इस मंदिर परिसर में चल रहे वैज्ञानिक क्लियरेंस कार्य के दौरान अलवर की दो मूर्तियां और एक प्राचीन जैन मंदिर की छत के अवशेषों के निशान मिले थे। लगातार हो रही ये खोजें इस बात का संकेत देती हैं कि यह क्षेत्र धार्मिक और स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा होगा।
पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि हम्पी का यह क्षेत्र विजयनगर साम्राज्य के समय में अत्यधिक विकसित शहरी संरचना का हिस्सा था, जहां जल प्रबंधन और धार्मिक संरचनाओं की योजना बेहद व्यवस्थित तरीके से की गई थी।
ASI की टीम अब मिले हुए अवशेषों का विस्तृत अध्ययन कर रही है, ताकि उनके ऐतिहासिक काल और उपयोग को बेहतर तरीके से समझा जा सके। साथ ही, इन खोजों के आधार पर हज़ारा राम मंदिर परिसर के संरक्षण और दस्तावेजीकरण कार्य को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
कुल मिलाकर, हम्पी में हुई यह नई खोज न केवल भारतीय पुरातत्व के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्राचीन भारत की नगरीय और स्थापत्य प्रणाली कितनी विकसित थी।





