
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में चल रही वोटर मैपिंग एक्सरसाइज को लेकर मतदाताओं के बीच बढ़ती आशंकाओं के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबुकुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। यह प्रक्रिया अभी तक आधिकारिक रूप से अधिसूचित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से पहले की तैयारी मानी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, वोटर मैपिंग का उद्देश्य 2002 और 2025 की वोटर लिस्ट के बीच मिलान करना है, ताकि पात्र मतदाताओं का रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट किया जा सके। वी. अंबुकुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम 2002 और 2025 दोनों वोटर लिस्ट में मौजूद है, उन्हें “सेल्फ-मैप्ड” माना जाएगा।
वहीं, जिन लोगों का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं है, उन्हें “प्रोजेनी” श्रेणी में रखा जाएगा। इसका मतलब है कि ऐसे मतदाता उन लोगों से जुड़े हैं जिनके माता-पिता या दादा-दादी 2002 की सूची में दर्ज थे।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का नाम किसी भी तरीके से मैप नहीं हो पा रहा है, वे अपने पात्रता प्रमाण के लिए 11 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज जमा करके अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि यह पूरी मैपिंग प्रक्रिया बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) द्वारा की जाने वाली एक “टेबल-टॉप एक्सरसाइज” है, जिसमें उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मिलान किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर डोर-टू-डोर सत्यापन की कमी पर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं।
एक और चिंता यह है कि मतदाताओं को उनके मैपिंग स्टेटस की सीधी जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्हें स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से स्थिति जांचनी होगी या अपने संबंधित BLO से संपर्क करना होगा।
वी. अंबुकुमार ने कहा कि BLO को 2002 और 2025 दोनों वोटर लिस्ट के आधार पर मैपिंग की ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मतदाताओं को खुद से सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जो लोग जानकारी लेना चाहते हैं, वे ECI नेट ऐप डाउनलोड करके अपना EPIC नंबर दर्ज कर सकते हैं या अपने BLO से संपर्क कर सकते हैं।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर डेटा को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में किसी प्रकार की त्रुटि या दोहराव न हो।
हालांकि, मैपिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और जानकारी के अभाव को लेकर कुछ मतदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसे लेकर आयोग ने जल्द ही और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के संकेत दिए हैं।





