कर्नाटक

Karnataka : ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दवाओं के लिए बड़ा कदम

Kavita2
13 April 2026 11:32 AM IST
Karnataka : ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दवाओं के लिए बड़ा कदम
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Karnataka कर्नाटक: केंद्र सरकार देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की पहुंच को बढ़ाने के लिए एक नई योजना पर विचार कर रही है, जिसके तहत प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना केंद्रों को देशभर के पोस्ट ऑफिस नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। इसके साथ ही इंडिया पोस्ट की डोरस्टेप डिलीवरी व्यवस्था के जरिए दवाइयों को सीधे घर-घर पहुंचाने की भी संभावना पर काम चल रहा है।

प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां अभी भी सस्ती जेनेरिक दवाइयों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहां पोस्ट ऑफिस को जनऔषधि केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे लोगों को कम कीमत पर दवाइयाँ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

यह सुझाव राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर दिया था। उन्होंने कहा था कि देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्ट ऑफिस ही सरकार से जुड़ने का सबसे मजबूत माध्यम हैं, इसलिए इन्हीं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने इस सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

योजना के तहत अंतिम छोर तक पहुंचने वाली डिलीवरी व्यवस्था का उपयोग दवाइयों की सप्लाई के लिए किया जाएगा। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगों और उन लोगों को फायदा मिलेगा जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं और जिन्हें दवाइयों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली भी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मॉडल हो सकता है जो देश में स्वास्थ्य सेवाओं की असमानता को कम करने में मदद करेगा।

फिलहाल इस प्रस्ताव को संबंधित विभागों के पास भेज दिया गया है और इसकी व्यवहारिकता पर विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर इसे प्रभावी तरीके से लागू करने पर चर्चा चल रही है।

सांसद लहर सिंह सिरोया ने इस पहल पर केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम “सबको सस्ती दवा” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

अगर यह योजना लागू होती है, तो देश में दवाइयों की उपलब्धता और सुलभता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य खर्च में भी कमी आएगी। यह पहल भारत के स्वास्थ्य ढांचे में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की दिशा में मानी जा रही है।

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