कर्नाटक

Karnataka : मंत्री डी सुधाकर के निधन पर 3 दिन का शोक, चित्रदुर्ग में 11 मई को अवकाश

Kavita2
10 May 2026 2:43 PM IST
Karnataka : मंत्री डी सुधाकर के निधन पर 3 दिन का शोक, चित्रदुर्ग में 11 मई को अवकाश
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Karnataka कर्नाटक: D. Sudhakar के निधन के बाद Karnataka सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया है और राज्यभर में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। सरकार ने सोमवार, 11 मई को उनके गृह जिले Chitradurga में सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है।

जानकारी के अनुसार, हिरियुर से विधायक और योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी सुधाकर लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 10 मई की सुबह उन्होंने बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।

सरकारी सूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है और निर्णय लिया है कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सरकार ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

जारी आदेश के अनुसार, 11 मई को चित्रदुर्ग जिले के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और सभी ग्रांट-इन-एड शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इसके साथ ही जिले में सार्वजनिक अवकाश लागू रहेगा ताकि लोग दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दे सकें।

राज्य सरकार ने 10 मई से 12 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान पूरे राज्य में किसी भी प्रकार के सार्वजनिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। साथ ही, जिन भवनों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां झंडा आधा झुका रहेगा।

डी सुधाकर को कर्नाटक की राजनीति में एक सक्रिय और अनुभवी नेता माना जाता था। उन्होंने लंबे समय तक अपने क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया। उनके निधन से राजनीतिक क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि शोक अवधि के दौरान सभी औपचारिक गतिविधियां सीमित रहेंगी और सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।

स्थानीय प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं, ताकि राजकीय सम्मान के साथ सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। बड़ी संख्या में लोगों के उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, डी सुधाकर के निधन ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में शोक का माहौल पैदा कर दिया है, और सरकार ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं।

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