
बेंगलुरु। कर्नाटक को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार बेंगलुरु के प्रतिष्ठित कांतीरवा स्टेडियम को बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना बना रही है। उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा कि स्टेडियम को आधुनिक स्वरूप देने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ राज्य में मजबूत खेल बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
कांतीरवा स्टेडियम स्थित कर्नाटक ओलंपिक भवन में कर्नाटक राज्य बास्केटबॉल संघ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में परमेश्वर ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाली जूनियर और यूथ बास्केटबॉल टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने की है। इसी दिशा में सरकार खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। कांतीरवा स्टेडियम का प्रस्तावित पुनर्विकास इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम के विकास की योजना इसे आधुनिक खेल परिसर के रूप में तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकती है। कांतीरवा स्टेडियम पहले से बेंगलुरु के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल है और यहां विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहा है। प्रस्तावित विकास के बाद खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल एक स्टेडियम को विकसित करना नहीं, बल्कि कर्नाटक को खेल के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और रोजगार के अवसर जैसे विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देने की बात कही गई है।
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों के रोजगार से जुड़ी राज्य सरकार की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कर्नाटक पुलिस विभाग की विभिन्न भर्तियों में खिलाड़ियों को पहले दो प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर तीन प्रतिशत कर दिया गया। इस व्यवस्था के तहत कई खिलाड़ियों को पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) और पुलिस कांस्टेबल जैसे पदों पर नियुक्ति मिली है।
खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण को खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कई युवा खिलाड़ी लंबे समय तक प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के कारण सामान्य रोजगार की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरियों में अवसर मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ खेल जारी रखने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
परमेश्वर ने कहा कि खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने के समय सम्मानित करना पर्याप्त नहीं है। उनके भविष्य और रोजगार की चिंता करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। पुलिस विभाग में खेल कोटे के माध्यम से नियुक्तियां इसी दिशा में की जा रही हैं। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल के साथ स्थायी करियर बनाने का विकल्प मिल रहा है।
सम्मान समारोह में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जूनियर और यूथ बास्केटबॉल टीमों के खिलाड़ियों की उपलब्धियों को विशेष रूप से सराहा गया। खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उन्हें आगे भी राज्य और देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों में कर्नाटक के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहे हैं। राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर खेल बुनियादी ढांचा उपलब्ध होने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में और सुधार किया जा सकता है। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों, स्टेडियमों और अन्य खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है।
कांतीरवा स्टेडियम बेंगलुरु के सबसे महत्वपूर्ण खेल परिसरों में से एक है। शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए पहुंचते हैं। स्टेडियम के व्यापक विकास से विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को एक ही परिसर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावना बढ़ेगी।
सरकार की योजना में आधुनिक खेल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विकास किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के लिए बेहतर मैदान और प्रशिक्षण के साथ स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस, रिकवरी और अन्य तकनीकी सुविधाओं का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बड़े निवेश के जरिए तैयार होने वाला आधुनिक परिसर राज्य के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
खेल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होता है। आधुनिक मानकों वाले स्टेडियम होने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं बढ़ती हैं। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपने शहर और राज्य में उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
राज्य सरकार की यह पहल बेंगलुरु को बड़े खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद कर सकती है। शहर पहले से तकनीक, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखता है। खेल सुविधाओं में बड़े निवेश के जरिए बेंगलुरु की पहचान एक प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में भी मजबूत करने का प्रयास किया जा सकता है।
परमेश्वर ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। पुलिस भर्तियों में खेल आरक्षण को दो प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत किया जाना इसी नीति का हिस्सा है। इसके तहत खिलाड़ियों को PSI और कांस्टेबल पदों पर अवसर मिलने से दूसरे युवा खिलाड़ियों को भी खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
कांतीरवा स्टेडियम के प्रस्तावित विकास और खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजनाओं से सरकार ने खेल क्षेत्र को लेकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की है। लगभग 5,000 करोड़ रुपये की योजना यदि मूर्त रूप लेती है तो कांतीरवा स्टेडियम के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सरकार का लक्ष्य आधुनिक खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहतर भविष्य के जरिए कर्नाटक को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत बनाना है। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले बास्केटबॉल खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में की गई घोषणाओं ने इस दिशा में राज्य सरकार की आगामी योजनाओं की झलक पेश की है।





