
Karnataka कर्नाटक: रामनगर जिले के कनकपुरा तालुक के अरेकोप्पा गांव के पास एक जंगली हाथी रेलवे बैरिकेड के लोहे के खंभों के बीच फंस गया। जंगल से भटका यह हाथी खाने और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था, तभी यह हादसा हुआ। बाद में वन विभाग की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में वापस छोड़ दिया।
यह घटना मुग्गुरु जंगल के किनारे हुई, जो कावेरी वाइल्डलाइफ डिवीज़न के अंतर्गत आता है। वन अधिकारियों के अनुसार, हाथी पास की मानव बस्ती में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान वह रेलवे ट्रैक के किनारे लगाए गए बैरिकेड में फंस गया। यह बैरिकेड हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए लगाया गया था।
लोहे के खंभों के बीच फंसने के कारण हाथी आगे-पीछे नहीं जा पा रहा था और कई घंटों तक वहीं संघर्ष करता रहा। उसकी आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण सतर्क हो गए और तुरंत इसकी सूचना कावेरी वाइल्डलाइफ डिवीज़न के अधिकारियों को दी गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और फ्रंटलाइन स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हाथी को बिना किसी नुकसान के बाहर निकालने के लिए एक सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान भारी मशीनरी का उपयोग किया गया, जिसमें एक JCB एक्सकेवेटर भी शामिल था। साथ ही, गैस कटर की मदद से लोहे के खंभों के बीच की दूरी को धीरे-धीरे बढ़ाया गया, ताकि हाथी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और उसे किसी तरह की चोट न पहुंचे।
कई घंटों की मेहनत के बाद वन विभाग की टीम ने हाथी को सुरक्षित रूप से बैरिकेड से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे धीरे-धीरे जंगल की ओर वापस ले जाया गया, जहां उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए, लेकिन उन्हें सुरक्षित दूरी पर रखा गया। ग्रामीणों ने वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
वन अधिकारियों ने बताया कि यह बैरिकेड मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए लगाया गया था, लेकिन इस घटना के बाद इसकी संरचना और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
फिलहाल हाथी सुरक्षित है और उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जंगली जानवरों के दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें और खुद से हस्तक्षेप न करें।





