
बेंगलुरु। बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) की तीन दिवसीय पदयात्रा रविवार को शुरू हो गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन वाली इस पदयात्रा की शुरुआत बिदादी के बायरामंगला से हुई। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दोपहर करीब 1.30 बजे पदयात्रा को रवाना किया। इस दौरान कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, JD(S) के राज्य युवा अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसानों और JD(S) कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी का कहना है कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन लिए जाने का विरोध किया जाएगा। पदयात्रा के जरिए पार्टी किसानों के बीच पहुंचकर परियोजना से जुड़े मुद्दों को उठाने और सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
बायरामंगला से शुरू हुआ मार्च
रविवार को बायरामंगला से शुरू हुई पदयात्रा को लेकर JD(S) कार्यकर्ताओं और किसानों में उत्साह दिखाई दिया। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 1.30 बजे पदयात्रा की शुरुआत की। उनके साथ विपक्ष के नेता आर. अशोक और निखिल कुमारस्वामी भी मौजूद रहे।
पदयात्रा के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़े मुद्दों को उठाया। किसानों की जमीन और उनके हितों को केंद्र में रखते हुए सरकार की प्रस्तावित योजना का विरोध किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
तीन दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा के दौरान JD(S) कार्यकर्ताओं के साथ किसानों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इस आंदोलन के जरिए सरकार पर परियोजना को लेकर पुनर्विचार करने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
BJP का समर्थन
JD(S) की इस पदयात्रा को BJP का भी समर्थन हासिल है। दोनों विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी से इस आंदोलन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पदयात्रा में BJP और JD(S) से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना के बीच बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है।
विपक्षी दलों का फोकस मुख्य रूप से परियोजना के लिए जमीन लिए जाने और किसानों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर है। उनका कहना है कि किसी भी बड़ी विकास परियोजना को आगे बढ़ाते समय स्थानीय किसानों के हितों और उनकी जमीन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
किसानों की भागीदारी पर जोर
पदयात्रा में किसानों की भागीदारी को JD(S) ने आंदोलन की प्रमुख ताकत के रूप में पेश किया है। पार्टी का कहना है कि बिदादी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की जमीन और आजीविका परियोजना से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के दौरान किसानों से संवाद करने और परियोजना से जुड़े उनके मुद्दों को समझने पर भी जोर दिया। JD(S) का प्रयास है कि आंदोलन को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित न रखते हुए इसे किसानों के हितों से जोड़कर व्यापक समर्थन हासिल किया जाए।
टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। सरकार की ओर से इसे क्षेत्र के विकास और भविष्य की शहरी जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि विपक्षी दल जमीन अधिग्रहण और किसानों के हितों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इससे पहले सरकार की ओर से परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों को बेहतर मुआवजा देने की बात कही गई है। सरकार ने प्रति एकड़ 3 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा और 50 फीसदी विकसित साइट देने का प्रस्ताव रखा है। इसके बावजूद विपक्षी दल परियोजना का विरोध कर रहे हैं और किसानों की जमीन लिए जाने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
तीन दिन चलेगी पदयात्रा
JD(S) की ओर से आयोजित यह पदयात्रा तीन दिनों तक चलेगी। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और किसान अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों से संपर्क करेंगे। पदयात्रा के जरिए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ माहौल बनाने और सरकार की नीति का विरोध करने की रणनीति अपनाई गई है।
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की मौजूदगी में शुरुआत होने से आंदोलन को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन भी स्पष्ट हुआ है। वहीं विपक्ष के नेता आर. अशोक और निखिल कुमारस्वामी की भागीदारी ने JD(S) और BJP के बीच इस मुद्दे पर समन्वय को भी सामने रखा है।
सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश
पदयात्रा के जरिए विपक्ष सरकार पर बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों के साथ बातचीत करने और उनकी चिंताओं का समाधान करने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। आंदोलन के दौरान किसानों की जमीन, मुआवजा और भविष्य की आजीविका जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।
रविवार को बायरामंगला से शुरू हुई तीन दिवसीय पदयात्रा ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। एक ओर सरकार परियोजना को विकास की जरूरतों से जोड़ रही है, वहीं JD(S) और BJP किसानों के हितों का हवाला देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं।
अब सभी की नजरें अगले दो दिनों की पदयात्रा और इस दौरान सामने आने वाले राजनीतिक बयानों पर रहेंगी। आंदोलन के आगे बढ़ने के साथ बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।





