कर्नाटक

ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोप में JDS नेता गोट्टिगेरे मंजूनाथ गिरफ्तार

Kavita2
17 Aug 2026 11:49 AM IST
ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोप में JDS नेता गोट्टिगेरे मंजूनाथ गिरफ्तार
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बेंगलुरु। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS के राज्य महासचिव गोट्टिगेरे मंजूनाथ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मंजूनाथ ने उस समय पुलिस कॉन्स्टेबल पर हमला किया, जब ट्रैफिक नियंत्रण के दौरान उनकी कार को रुकने का इशारा किया गया था। घटना के बाद आरोपी के फरार होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें एक निजी होटल से हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार यह घटना बेंगलुरु के हुलिमावु ट्रैफिक पुलिस थाना क्षेत्र के गोट्टिगेरे जंक्शन पर हुई। यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी अरुण अपनी ड्यूटी पर तैनात थे और सड़क पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाथ के इशारे से कुछ वाहनों को रुकने का संकेत दिया।

बताया जा रहा है कि उसी समय JDS नेता गोट्टिगेरे मंजूनाथ की कार भी वहां पहुंची। ट्रैफिक पुलिसकर्मी अरुण ने अन्य वाहनों की तरह उनकी कार को भी रुकने का संकेत दिया। आरोप है कि कार रोके जाने से नाराज मंजूनाथ ने पुलिसकर्मी से बहस शुरू कर दी।

पुलिस शिकायत के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर मंजूनाथ ने कॉन्स्टेबल अरुण के साथ मारपीट की। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस विभाग को दी गई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।

घटना के बाद आरोपी नेता के मौके से चले जाने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मंजूनाथ एक निजी होटल में मौजूद हैं। इसके आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और विवाद किस तरह बढ़ा। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सड़क पर यातायात को नियंत्रित करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की होती है। कई बार वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच नियमों को लेकर विवाद सामने आते हैं। हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट को गंभीर मामला माना जाता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारी के साथ हिंसक व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि आरोपी गोट्टिगेरे मंजूनाथ JDS के राज्य महासचिव बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने क्या देखा और क्या कोई वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। ऐसे मामलों में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वीडियो फुटेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ट्रैफिक पुलिसकर्मी अरुण द्वारा की गई कार्रवाई यातायात नियंत्रण का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत वाहन रोकने का संकेत दिया था। अब जांच का एक हिस्सा यह भी होगा कि वाहन रोकने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद किन कारणों से बढ़ा।

बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। रोजाना लाखों वाहन सड़कों पर चलते हैं और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी करते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जाता है।

घटना ने एक बार फिर सड़क पर नियमों के पालन और पुलिसकर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यातायात नियमों को लेकर असहमति होने पर कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए, न कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के साथ विवाद या हिंसा करनी चाहिए।

फिलहाल गोट्टिगेरे मंजूनाथ पुलिस हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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