कर्नाटक

कर्नाटक में JDS की रायता स्वाभिमान यात्रा शुरू, निखिल कुमारस्वामी ने उठाए किसानों के मुद्दे

Kavita2
29 Sept 2026 12:00 PM IST
कर्नाटक में JDS की रायता स्वाभिमान यात्रा शुरू, निखिल कुमारस्वामी ने उठाए किसानों के मुद्दे
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कनकपुरा। कर्नाटक में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता दल सेक्युलर की ‘रायता स्वाभिमान यात्रा’ की सोमवार को शुरुआत हुई। जेडीएस युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा के दौरान सूखे, गिरते भूजल स्तर, किसानों की आर्थिक स्थिति और राहत राशि जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। यात्रा कनकपुरा शहर में निकाली गई और बाद में एक बड़ी सार्वजनिक सभा आयोजित की गई।

निखिल कुमारस्वामी ने यात्रा की शुरुआत शहर के राइस मिल क्षेत्र के पास स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद की। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में जेडीएस कार्यकर्ता और समर्थक इस यात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए चन्नबसप्पा सर्कल पहुंची, जहां सार्वजनिक सभा आयोजित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए निखिल कुमारस्वामी ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि गंभीर सूखे के बावजूद किसानों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में भूजल स्तर नीचे चला गया है और कई झीलों तथा जलस्रोतों में पानी की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को राहत देने में सरकार देरी कर रही है। ये राजनीतिक आरोप जेडीएस नेता की ओर से लगाए गए हैं।

निखिल ने कहा कि ‘रायता स्वाभिमान यात्रा’ का उद्देश्य राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर किसानों की समस्याएं सीधे सुनना है। उनके मुताबिक खेती की लागत बढ़ने, बारिश की कमी और जल संकट की वजह से किसानों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से ऐसी समस्याओं को सामने लाया जाएगा और सरकार से समाधान की मांग की जाएगी।

जेडीएस नेता ने सूखे को लेकर कहा कि राज्य के कई तालुकों को प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहत घोषित करने और किसानों तक मदद पहुंचाने की प्रक्रिया पर्याप्त तेजी से नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि खेती में बीज, खाद, मजदूरी और अन्य लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक परेशानी गहरी हुई है।

सभा के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की ओर से दी जा रही राहत राशि को भी अपर्याप्त बताया। उनका कहना था कि खेती पर होने वाला खर्च और नुकसान राहत राशि से कहीं अधिक है। इस दौरान उन्होंने सरकार से किसानों की स्थिति का विस्तृत आकलन करने और अधिक प्रभावी आर्थिक सहायता देने की मांग की।

निखिल कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जमीन पर काम करना चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया गया है, इसका विवरण उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की समस्या भी बढ़ रही है। जेडीएस का कहना है कि सूखे का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन भी प्रभावित हो रहा है।

रायता स्वाभिमान यात्रा को जेडीएस की राज्यव्यापी किसान संपर्क मुहिम के तौर पर पेश किया गया है। निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि आने वाले दिनों में वे राज्य के दूसरे हिस्सों में भी जाएंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे। पार्टी की योजना किसानों की शिकायतें और मांगें एकत्र कर उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उठाने की है।

सभा में जेडीएस कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी रही। यात्रा के दौरान पार्टी के झंडे और बैनर लेकर समर्थक आगे बढ़ते रहे। कार्यक्रम को किसानों के मुद्दों पर पार्टी की सक्रियता दिखाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

निखिल कुमारस्वामी ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का भी उल्लेख किया और उनके कार्यकाल की नीतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जेडीएस ने अपने शासन के दौरान किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के मुद्दों पर काम किया था। यह बयान पार्टी नेता का राजनीतिक दावा है।

उन्होंने कनकपुरा क्षेत्र के लोगों से भी संवाद किया और स्थानीय समस्याओं को उठाने की बात कही। जेडीएस नेता ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता वहां के किसानों और आम लोगों की समस्याओं को दूर करना होनी चाहिए।

यात्रा के दौरान सूखा राहत के साथ सिंचाई और जल प्रबंधन के मुद्दों पर भी जोर दिया गया। निखिल का कहना था कि जलस्रोतों की स्थिति खराब होने से किसानों की परेशानी बढ़ी है और समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो अगले कृषि चक्र पर भी असर पड़ सकता है।

जेडीएस की इस यात्रा का राजनीतिक महत्व भी है क्योंकि पार्टी किसानों के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि किसानों को राहत देने, सूखा प्रबंधन और वित्तीय सहायता को लेकर सरकार तथा विपक्ष के बीच अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।

निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि यात्रा केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है और इसे आगे राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें आगे उठाने का आश्वासन दिया।

फिलहाल ‘रायता स्वाभिमान यात्रा’ की शुरुआत कनकपुरा से हो चुकी है। यात्रा के जरिए जेडीएस सूखा, भूजल संकट, कृषि लागत और राहत राशि जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। आने वाले दिनों में यह अभियान राज्य के अन्य हिस्सों तक पहुंचने की तैयारी में है।

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